चिनैनी। नियमित कर वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर आशा वर्करों ने मंगलवार को सीएचसी चिनैनी में प्रदर्शन किया। मांगों की अनदेखी पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मांग की कि वेतन कम से कम 26 हजार रुपये किया जाए।
आशा वर्करों ने कहा कि वह 2006 से कार्य कर रही हैं। मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनकी हड़ताल 18 अगस्त से जारी है, पर सरकार ने मांगों को हल नहीं किया है। उन्हें मां-बच्चे की सेहत के लिए रखा गया है, लेकिन कई तरह के कार्य सौंप दिए जाते हैं। वर्कराें ने कहा कि सरकार उन्हें पक्का कर वेतन 26 हजार रुपये करे। बकाया वेतन भी जल्द दिया जाए। वहीं, बीडीसी चेयरमैन व डीडीसी सदस्यों ने भी वर्करों का समर्थन किया। बीडीसी चेयरमैन प्रकाश चंद ने कहा कि सरकार को आशा वर्करों की मांगों को जल्द हल करना चाहिए।