फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu Kashmir: जेकेएसएसबी-एलजी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन, दागी कंपनी से भर्ती परीक्षा कराने के खिलाफ नाराजगी

Thu, 09 Mar 2023 02:44 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

अभ्यर्थियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड ने पूर्व में अनियमित्ताओं से कुछ भी नहीं सीखा है। ब्लैक लिस्टेड कंपनी को परीक्षा लेने का जिम्मा दिया है जो विभिन्न राज्यों में आयोजित 10 से अधिक भर्ती परीक्षाओं में कदाचार में लिप्त थी।
विज्ञापन
जम्मू में प्रदर्शन करते युवा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) में नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवारों ने वीरवार को जम्मू में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि बोर्ड ब्लैक लिस्टेड कंपनी के माध्यम से भर्ती परीक्षा करवा रही है। इसके चलते पारदर्शिता नहीं हो रही है।

विज्ञापन


अभ्यर्थियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड ने पूर्व में अनियमित्ताओं से कुछ भी नहीं सीखा है। ब्लैक लिस्टेड कंपनी को परीक्षा लेने का जिम्मा दिया है जो विभिन्न राज्यों में आयोजित 10 से अधिक भर्ती परीक्षाओं में कदाचार में लिप्त थी।

इससे पहले बुधवार को जम्मू शहर में प्रेस क्लब के बाहर अभ्यर्थी प्रदर्शन करने के लिए एकत्रित हुए। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क जाम करने से रोका। प्रदर्शनकारी एपीटीईसीएच लिमिटेड को विभिन्न परीक्षाओं के संचालन के लिए कथित तौर पर ठेका दिए जाने के विरोध कर रहे हैं।
विज्ञापन


प्रदर्शनकारियों ने मांग करते हुए कहा कि एलजी प्रशासन को इस बात की जांच करानी चाहिए कि पेपर लीक और घोटाले केवल जम्मू कश्मीर में ही क्यों होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

उनका भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा, "जम्मू-कश्मीर में सभी ब्लैक लिस्टेड कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, जब तक इन ब्लैक लिस्टेड कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है, कोई भी छात्र किसी प्रतियोगी परीक्षा में नहीं बैठेगा।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एपीटीईसीएच लिमिटेड राजस्थान, लेह, अंबाला और अन्य सहित देश के अन्य हिस्सों में कई घोटालों में शामिल रही है। ऐसे में कथित घोटालों में शामिल कंपनियों को ठेका नहीं दिया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें