भद्रवाह में सोमवार को भी बंद दुकानें
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भद्रवाह में सोमवार को पांचवें दिन पूरी तरह कर्फ्यू रहा, जबकि किश्तवाड़ में शाम को 5.30 से सात बजे तक डेढ़ घंटे की ढील दी गई है। उधर रामबन में 9 जून से बंद मोबाइल व ब्राडबैंड इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है, अन्य जिलों में इंटरनेट बंद है।
डोडा शहर में निषेधाज्ञा लागू मगर बाजार खुले
डोडा शहर में निषेधाज्ञा लागू है परंतु बाजार खुले नजर आए। इन इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षाबल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। पुलिस उपद्रवियों की तलाश में लगातार छापे मार रही है।
बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों की आवाजाही सुचारू
अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर डोडा और किश्तवाड़ जिले के कई अन्य हिस्सों में भी निषेधाज्ञा के तहत सख्त प्रतिबंध जारी रहे, लेकिन बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को वैध पहचान और प्रवेश पत्र दिखाने पर आवाजाही की अनुमति दी गई।
लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील
सबसे संवेदनशील कर्फ्यूग्रस्त भद्रवाह कस्बे में सोमवार सुबह पुलिस वाहनों से माइक के जरिये लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील की गई। हालांकि, बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को तैनात बलों को वैध पहचान और प्रवेश पत्र दिखाने पर अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने के लिए कहा गया था।
छात्रों का प्रवेश पत्र कर्फ्यू पास
शिक्षा विभाग के अधिकारी राणा आरिफ ने कहा कि प्रशासन के निर्देशों के अनुसार, कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों का प्रवेश पत्र उनकी आवाजाही के लिए कर्फ्यू पास के रूप में काम करेगा।
प्रदर्शन के बाद भद्रवाह में स्थिति बिगड़ गई
मालूम हो कि 9 जून को भाजपा के पूर्व नेताओं नूपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल की पैगंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणियों के खिलाफ प्रदर्शन के बाद भद्रवाह में स्थिति बिगड़ गई थी। स्थिति को काबू करने के लिए भद्रवाह, किश्तवाड़ व डोडा शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था।
100 से 150 पर्यटक फंसे
मिनी कश्मीर कहे जाने वाले भद्रवाह घाटी में देश के विभिन्न हिस्सों से घूमने आए लगभग 100 से 150 पर्यटक शहर में कर्फ्यू लग जाने के कारण विभिन्न होटलों में फंस गए हैं।