राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नारको टेरर फंडिंग मामले में चार आतंकी मददगारों की संपत्तियां कुर्क कर दीं। कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले टेरर फंडिंग नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़े कदम में एनआईए ने चार आवासीय संपत्तियों को कुर्क करने के साथ नकदी जब्त की है। ये संपत्तियां लश्कर-ए ताइबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े आतंकी मददगारों की हैं।
अधिकारियों के अनुसार, एनआईए ने कुपवाड़ा जिले की हंदवाड़ा तहसील में आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क किया है। इनमें यूए (पी) अधिनियम की धारा 25 के तहत कुल 2.27 करोड़ रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। कुर्क की गई अचल संपत्तियों में आरोपी आफाक अहमद वानी का दो मंजिला मकान, आरोपी मुनीर अहमद पांडे का एक मंजिला मकान, सलीम अंद्राबी का मकान और इस्लाम उल हक का दो मंजिला मकान शामिल है।
मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और एनआईए ने 15 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, मामला हंदवाड़ा-कुपवाड़ा क्षेत्र में सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर और हिजबुल द्वारा हिंसक आतंकवादी गतिविधियों को वित्तपोषित करने के लिए नशा तस्करी से जुटाई गई राशि के उपयोग से संबंधित है।
हंदवाड़ा के लंगेट इलाके में वाहनों की जांच के दौरान एक काले बैग भारी मात्रा में भारतीय करंसी की बरामदगी के बाद मामला दर्ज किया गया था। कार के ड्राइवर अब्दुल मोमिन पीर से प्रारंभिक पूछताछ में नारको टेरर नेक्सस के बारे में खुलासा किया, जिससे बाद एनआईए ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की।
एनआईए ने कहा कि इस मामले से जुड़े कई आरोपियों के घरों में शुरुआती तलाशी के दौरान 21 किलोग्राम हेरोइन के अलावा बड़ी मात्रा में नकदी सहित विभिन्न आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। एजेंसी कश्मीर में आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने और राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा के लिए अपने निरंतर प्रयास जारी रखे हुए है।