दो दिवसीय विशेष अभिविन्यास कार्यक्रम में बोलते अधिवक्ता निशीथ दीक्षित: स्रोत सूचना विभाग
जम्मू। मेडिकल फोरेंसिक और ट्रायल में मेडिको-लीगल पहलू साइबर अपराध और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के विभिन्न आयाम पर दो दिवसीय विशेष अभिविन्यास कार्यक्रम न्यायिक अकादमी जानीपुर में संपन्न हुआ।
इसका आयोजन जिला न्यायपालिका के न्यायाधीशों, पब्लिक प्रॉसीक्यूटर (पीपी), अतिरिक्त पीपी, सहायक पीपी और जम्मू प्रांत के जांच अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया था। दिल्ली के अधिवक्ता निशीथ दीक्षित ने अंतिम दिन साइबर अपराधों की अवधारणा का विस्तृत अवलोकन किया और न्यायाधीशों, जांच अधिकारियों और अभियोजकों के लिए चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ती है, वैसे-वैसे हैकिंग, पहचान की चोरी, साइबर धोखाधड़ी और बाल पोर्नोग्राफी, जनोफोबिया और नस्लवाद जैसे सामग्री-संबंधी अपराध सहित साइबर अपराध भी बढ़ रहे हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 आईपीसी, बीएनएस के प्रावधानों के साथ इन अपराधों से निपटने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है। आईटी अधिनियम पर विभिन्न ऐतिहासिक निर्णयों पर भी वास्तविक जीवन के अनुभवों को साझा किया। ब्यूरो