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जम्मू-कश्मीर: महाशिवरात्रि पर मंदिरों में भक्तों की कतार, गूंज रहे भोलेनाथ के भजन, निकाली जा रही शोभायात्रा

Sat, 18 Feb 2023 08:01 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

शोभायात्रा का कई जगहों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान भोले के जयघोष गूंजते रहे। शोभायात्रा का आयोजन श्री रणबीरेश्वर वेलफेयर कमेटी के साथ धर्मार्थ ट्रस्ट के सहयोग से किया गया।
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जम्मू कश्मीर में महाशिवरात्रि पर निकली झांकी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में श्री रणबीरेश्वर मंदिर परिसर से ढोल नगाड़ों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। इसमें शामिल झाकियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं। शिव-पार्वती की वेशभूषा में सजे कलाकारों की भावभंगिमा और नृत्य ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।

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इसे देखने और प्रसाद ग्रहण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़क के किनारे देर तक खड़े रहे। उन्होंने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान भोले के जयघोष गूंजते रहे। शोभायात्रा का आयोजन श्री रणबीरेश्वर वेलफेयर कमेटी के साथ धर्मार्थ ट्रस्ट के सहयोग से किया गया।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शिवरात्रि पर्व चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ ही हैं। प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासशिवरात्रि के रूप में मनाई जाती है। सभी में सबसे महत्वपूर्ण फाल्गुन कृष्ण पक्ष की महाशिवरात्रि मानी जाती है।
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इसी दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था। श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष (ज्योतिषाचार्य) महंत रोहित शास्त्री के अनुसार कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी आज रात्रि 8 बजकर 2 मिनट से शुरू होकर कल शाम 4 बजकर 20 मिनट पर समाप्त होगी।

महाशिवरात्रि की पूजा निशिता काल में की जाती है। इसलिए इस वर्ष महाशिवरात्रि का यह त्योहार 18 फरवरी को ही मनाना उचित होगा। शिवरात्रि पूजा मुहूर्त निशीथ काल पूजा मुहूर्त 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा।

शिवरात्रि व्रत पारण समय सुबह 6 बजकर 35 मिनट से दोपहर 3 बजकर 3 मिनट बजे (19 फरवरी रविवार) तक रहेगा। रात्रि पहले प्रहर पूजा का समय शाम 6 बजकर 22 मिनट से 9 बजकर 27 मिनट तक उचित माना गया है।

दूसरे प्रहर में पूजा का समय 9 बजकर 29 मिनट से रात 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। तीसरे प्रहर के पूजा का समय रात 12 बजकर 31 मिनट से 3 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। चौथे प्रहर की पूजा का समय 3 बजकर 31 मिनट से 6 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।

व्रत रखने पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, फूल, शुद्ध वस्त्र, बिल्व पत्र, धूप, दीप, नैवेद्य, चंदन का लेप, ऋतुफल, आक धतूरे के पुष्प, चावल आदि डालकर शिवलिंग को अर्पित किये जाते है। शिवपूजन में रुद्राभिषेक, शिव कथा, शिव स्रोतों के साथ ॐ नम: शिवाय का पाठ करना चाहिए।

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