सांबा। कस्बे के सिडको क्षेत्र में निजी कारखानों के बंद होने पर युवाओं में रोजगार को लेकर चिंता है। वहीं श्रमिक संगठन के सदस्यों में भी रोष है।
जम्मू-कशमीर अपनी पार्टी के श्रमिक इकाई सचिव गंभीर सिंह संब्याल ने बताया कि दूसरे प्रदेश से आने वाले कारखाना प्रबंधक जब तक जम्मू-कश्मीर से उन्हें पैकेज मिलता रहता है वह काम करते रहते हैं। जैसे ही उन्हें रियायतें कम होती है वह निकल जाते हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार को लेकर परेशानी बनी रहती है। कस्बे के प्रथम एवं दूसरे फेज में बड़े-बड़े कारखाने अपना काम समेट कर निकल चुके हैं। जहां सैकड़ों की संख्या में लोगों को रोजगार मिला था। अब कस्बे के प्रथम फेज में गत दिवस एक अन्य कारखाना प्रबंधकों ने कारखाना बंद कर दिया है। वह भी अपना सामान समेट रहे हैं। उन्होंने उपराज्यपाल से अपील की है कि कारखाना प्रबंधन को कारखानों को बंद नहीं किए जाने के निर्देश जारी करें। ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए भटकना न पडे़।