संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। शहर में सड़कें रोशन करने के लिए लगाईं लाइटें अब डिस्को लाइटें बन गई हैं। 16 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद बिक्रम चौक में हाई मास्ट लाइट ऐसे चलती है जैसे वह किसी क्लब में लगी हो। कई बार तो लाइट चलती ही नहीं जिस वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अंधेरा ज्यादा होने के कारण मोबाइल की टॉर्च का सहारा लेना पड़ता है। यहीं नहीं, कई बार तो राहगीर सड़क पर गिर भी जाते हैं। इसी तरह चौथे ब्रिज पर हाई मास्ट लाइट दिन-रात चलती रहती है।
हैरानी की बात यह है कि संबंधित विभागों के अधिकारी अब तक यह नहीं पता कर पाए कि ये लाइटें किसके अंतर्गत हैं। नगर निगम और बिजली विभाग के आला अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं। मगर व्यवस्था में सुधार के लिए कोई आगे नहीं आ रहा। निगम अधिकारियों का कहना है - लाइटें बिजली कारपोरेशन की है, इसलिए रखरखाव वह करेगा। वहीं, बिजली कारपोरेशन के अधिकारियों का कहना है - नगर निगम ही लाइटों को चालू करवाएगा। दोनों विभागों की आपसी खींचतान में आम जनता पिस रही है।
इतना ही नहीं, स्ट्रीट लाइटों का भी यही हाल है, जो रात के बजाय दिन में रोशनी देती हैं। कनाल रोड, चांद बीबी गुरुद्वारा रोड समेत अन्य पुलों पर लापरवाही रोशन हो रही है।
लाइटें का रखरखाव नगर निगम कर रहा है। बिजली कारपोरेशन का कोई लेना-देना नहीं है।
- राजेश शर्मा, एक्सईएन, बिजली कारपोरेशन
अभी तक बिजली विभाग ने हाई मास्ट लाइट हैंडओवर नहीं की, इसलिए मरम्मत का काम उनका है। अगर स्ट्रीट लाइटों में दिक्कत है तो उसे ठीक करवा दिया जाएगा।
-अरुण कुमार, एक्सईएन, नगर निगम