निजी स्कूल संचालक अपने मुद्दों को लेकर बैठक करते हुए
-निजी स्कूल संचालकों की हुई बैठक, कहा-बोर्ड का रवैया है उदासीन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड के साथ निजी स्कूलों की संबद्धता समाप्त हो बाद उसका नवीनीकरण नहीं हो रहा है। 31 मार्च, 2022 और 2023 में कई निजी स्कूलों की संबद्धता समाप्त हुई थी, लेकिन नवीनीकरण को लेकर बोर्ड के अधिकारियों का उदासीन रवैये है। रविवार को निजी स्कूल संचालकों की बैठक हुई जिसमें इसको लेकर रोष व्यक्त किया गया।
बैठक में मौजूद विभिन्न स्कूलों के प्रबंधकों ने कहा कि बोर्ड ने पहले खुद निजी स्कूलों की संबद्धता देने में देरी की और फिर ऐसे निजी स्कूलों को पास के सरकारी स्कूलों से जोड़ दिया। बोर्ड की गलती से अब अभिभावक परेशान हैं। बोर्ड ने संबद्धता व अपग्रेडेशन देने के लिए निरीक्षण शुल्क वसूलने के बाद भी निजी स्कूलों के पोर्टल बंद कर ऑनलाइन सुविधा से वंचित रखा है। अभिभावकों और निजी स्कूल मालिकों के बीच विश्वास की कमी पैदा हो गई है, क्योंकि अभिभावकों ने अब बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजना शुरू कर दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि ऐसे निजी स्कूल ने संबद्धता शुल्क जमा करवा दिया था, लेकिन उन्हें संबद्धता नहीं मिल रही है क्योंकि बोर्ड ने उसका पोर्टल ही बंद किया है। उन्होंने कहा कि स्कूल के पास संबद्धता नहीं होने से अभिभावक ऐसे स्कूलों में बच्चों को दाखिला नहीं करवा रहे हैं। बैठक में आरपी शर्मा, सिद्धेश्वर सढोत्रा, रमेश कुमार, विनीत गुप्ता, थॉमस ओमान, प्रशांत सलारिया व अन्य लोग मौजूद रहे। ब्यूरो