अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। निजी स्कूल संचालकों की मनमानी के आगे सरकारी विभाग जहां शिकायतों का खेल खेल रहे हैं, वहीं सियासी नुमाइंदों की आवाज भी नहीं उठ रही। कारण-वोट बैंक, क्योंकि जहां मुद्दा वोट का होता है तो वहां हर तरह की सियासत चरम पर होती है। मगर अफसोस, व्यापार बने निजी स्कूलों की लूट को रोकने के लिए आज तक न सियासी प्रदर्शन हो पाए, न ही किसी प्रकार के धरने लग सके। इससे एक सवाल उठना लाजिमी है कि सरकार के संरक्षण में स्कूल खुलेआम अभिभावकों की जेबें काट रहे हैं।
महंगी किताबें, वर्दी, फीस वृद्धि जैसे मुद्दों से आम अभिभावक परेशान हैं। जम्मू शहर में इस समय स्कूलों में दाखिले चल रहे हैं। अभिभावकों के लिए बच्चों की महंगी फीस, वर्दी, किताबें, बैग, जूते आदि लेना मुश्किल हो रहा है। निजी स्कूलों ने एक दुकान तय कर रखी है, जहां से हर सामान बाजार से महंगा मिल रहा है। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक अभिभावक अपनी आवाज उठे रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं मिल पाया है। हालांकि अभिभावक संघ जम्मू इसको लेकर प्रदर्शन कर रहा है। संघ के अध्यक्ष अमित ने कहा कि डीसी जम्मू से मिलने का समय मांगा है, लेकिन उन्होंने समय नहीं दिया। अब सोमवार को फीस फिक्सेशन कमेटी के चेयरमैन से मिलकर निजी स्कूलों की सच्चाई से रूबरू करवाएंगे।
अगर हम 25 साल का सरकारों का आंकड़ा देख लें तो आज तक ऐसा कोई भी राजनेता सामने नहीं आया, जिसने अभिभावकों की समस्या को समझ विधानसभा में मुद्दा उठाया हो।
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कोई भी अभिभावक भाजपा के
पास परेशानी लेकर नहीं आया...
जब हमारे पास कोई भी अभिभावक नहीं आया है तो कैसे किसी का साथ देंगे। अगर अभिभावकों को परेशानी है तो हमारे पास आएं। जब हमें किसी की परेशानी का कारण ही पता नहीं होगा तो क्या करेंगे। सभी निजी स्कूल एक जैसे नहीं हैं, जो स्कूल अभिभावकों को लूट रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
- प्रमोद कपाही, भाजपा जम्मू जिला अध्यक्ष
अभिभावक संघ का अध्यक्ष
आम आदमी पार्टी का ही नेता
अभिभावक संघ का अध्यक्ष अमित कपूर आम आदमी पार्टी का ही सदस्य है और हमारा उनको पूरा समर्थन है। अगर अभिभावक संघ को लगेगा कि आम आदमी की उन्हें जरूरत है तो हमें उनका समर्थन करेंगे। हमारे पास अभिभावक आएं हम उनके साथ खड़े हैं। निजी स्कूलों के किताबों, वर्दी को लेकर बने नेक्सस को तोड़ने की जरूरत है।
- तरणजीत सिंह टोनी, डीसीसी सदस्य, आम आदमी पार्टी
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कांग्रेस सत्याग्रह प्रदर्शनों में
व्यस्थ, अब मुद्दा उठाएंगे
निजी स्कूल संचालकों और कुछ उद्योगपतियों का ये नेक्सस है। हर साल किताबें, वर्दी बदल दी जाती है। बड़े भाई या बहन की किताबें छोटे नहीं पढ़ सकते हैं। उनके संज्ञान में यह बात आई थी, लेकिन संकल्प सत्याग्रह आंदोलन के कारण इस पर हम बात नहीं कर सके। पार्टी अभिभावकों के साथ खड़ी है और सरकार से मांग करती है कि इस पर जांच हो कि कैसे हर साल कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से अभिभावकों को शिक्षा के नाम पर लूटा जा रहा है।
- योगेश साहनी, जिला अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री, कांग्रेस
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सरकार को जगाने के लिए आज
आरएस पुरा में बैठक कर उठाएंगे मुद्दा
निजी स्कूलों की मनमानी से अभिभावक परेशान हैं, यह बात संज्ञान में थी। हालांकि किसी भी पीड़ित ने इसको लेकर पार्टी नेताओं से मिलने की कोशिश नहीं की। पार्टी की विभिन्न जिलों में बैठकें चल रहीं हैं। इनमें नेता व्यस्त थे। रविवार को आरएस पुरा में नेकां की बैठक होगी। जहां इस मुद्दे को भी उजागर करेंगे, ताकि अभिभावकों को आ रही परेशानियों की तरफ सरकार का ध्यान जाए।
रत्न लाल गुप्ता, संभागीय अध्यक्ष, नेकां