संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। झमाझम बारिश से बाद उप जिले के किसान अब धान की रोपाई के लिए खेतों को तैयार करने में जुट गए हैं। सीमावर्ती क्षेत्र के अंतिम छोर पर नहरी पानी न पहुंचने से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन, इस बारिश ने उन्हें भी आशावादी बना दिया है।
किसानों ने बताया कि समय से धान की रोपाई पर ही पूरे वर्ष की खेती निर्भर रहती है। रोपाई पिछड़ने के डर से वे चिंतित देखे जा रहे थे। लेकिन, अब बारिश से कृषि कार्य ने जोर पकड़ लिया है। किसानों में चहल-पहल बढ़ गई है। बारिश अगर इसी तरह मेहरबान रही तो रोपाई कार्य काफी तेज होने के आसार हैं। वहीं, गहरी जमीन में अगेती धान की रोपाई करने वाले किसानों में थोड़ी निराशा भी देखी जा रही है। किसान धर्मदास का कहना है कि कई दिनों से पड़ रही गर्मी में अघोषित बिजली कटौती के चलते पंपसेट नहीं चला। इससे धान की रोपाई के लिए खेत तैयार करने में दिक्कत आ रही थी। गत दिनों हुई बारिश से किसानों को कुछ हद तक राहत मिली है।
किसान रोशन लाल का कहना है कि पानी पर्याप्त मात्रा में न मिलने पर कई किसानों का लगाया धान सूख गया। फिर उन्हें दोबारा रोपाई करनी पड़ी। अब तेज बारिश से कुछ हद तक राहत मिली है। इस बारिश से किसानों को उम्मीद बंधी है कि अगर बारिश होगी तो किसान समय पर धान की रोपाई कर पाएंगे।