संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। जिला मुख्यालय से छह किलोमीटर दूर स्थित सिख समुदाय के सबसे बड़े एवं ऐतिहासिक धार्मिक स्थल गुरुद्वारा डेरा संतपुरा नंगाली सहिब में 14 अप्रैल को मनाई जाने वाली वैसाखी की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह जानकारी डेरे के प्रबंधक भोपिंदर सिंह ने प्रेसवार्ता में दी हैं।
उन्होंने बताया कि बुधवार को डेरा में गुरुग्रंथ साहिब के दर्जनों आखंड पाठ रखे गए हैं, जिनका वैसाखी के दिन भोग डाला जाएगा। इसके लिए प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों व नेपाल से बड़ी संख्या में सिख संगत का पहुंचना शुरू हो गया है। बुधवार देर शाम को डेरा नंगाली साहिब के मंहत संतभाई मंजीत सिंह ने सिख युवाओं के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त रखने व सेवा कार्याें में भाग लेने के निर्देश दिए।
गौरतलब रहे कि 1699 में जब गुरु गोविंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी तब सैकड़ों लोगों को अमृत छकाया गया था। उस समय गुरु गोविंद सिंह ने संत भाई फेरू सिंह को पहाड़ देश में सिखी के प्रचार की जिम्मेदारी देकर भेजा था। तब उन्होंने इस डेरे की स्थापना की थी। तब से लेकर यहां डेरा संतपुरा नंगाली साहिब में हर साल वैसाखी को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। डेरे में स्थित गुरुद्वारा में खालसा पंथ की स्थापना के दिवस पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। डेरे के प्रांगण में मेले का भी आयोजन किया जाता है। इसमें सिखों के साथ ही सभी धर्मों के लोग हिस्सा लेते हैं।