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Jammu News: नगरोटा हाईवे पर 108 एंबुलेंस में महिला ने दिया बच्चे को जन्म

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नगरोटा हाईवे पर मंगलवार को 108 एंबुलेंस में सफल डिलीवरी के बाद नवजात को दिखाता मेडिकल टेक्नीशिय
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- परिवार वालों का आरोप, जिला अस्पताल उधमपुर से बिना देखे रेफर कर दिया गया
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जिला अस्पताल उधमपुर से रेफर किए गए एक प्रसव मामले में नगरोटा हाईवे पर रास्ते में ही 108 एंबुलेंस में नवजात ने जन्म लिया। परिवारवालों के सवाल थे कि जब वह गर्भवती को उधमपुर अस्पताल ले गए थे तो उन्हें सीधे जम्मू रेफर कर दिया गया। अगर एक एंबुलेंस में डिलीवरी हो सकती है तो जिला स्तर के अस्पताल में ऐसी सुविधा क्यों नहीं हो सकती है।
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प्रीतम सिंह निवासी रामबन ने आरोप लगाया कि वह पत्नी को डिलीवरी के लिए रामबन अस्पताल लेकर गए। यहां से उसे जिला अस्पताल उधमपुर में भेज दिया गया लेकिन वहां पहुंचने पर भी डाॅक्टरों ने मरीज को अच्छी तरह देखा तक नहीं और उसे जम्मू के लिए रेफर कर दिया। रास्ते में ही उसकी तबीयत बिगड़ गई और एंबुलेंस में डिलीवरी करवाई पड़ी। उनका आरोप है कि जिला अस्पताल उधमपुर में उनके मरीज को देखने के लिए कोई डाॅक्टर उपलब्ध नहीं था और उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवाई गई जिसके बाद इमरजेंसी 108 पर काल करने पर उन्हें एंबुलेंस मिली और टेक्नीशियन की मदद से सफल डिलीवरी हो सकी। उन्होंने सफल डिलीवरी के लिए एंबुलेंस स्टाफ का शुक्रिया अदा किया। एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन सूरज प्रकाश ने बताया कि उन्हें दो इमरजेंसी काल आई थी, जिसमें एक मरीज को छाती में दर्द की शिकायत थी और दूसरा यह डिलीवरी का मामला था। इसमें छाती के दर्द वाले मरीज को दूसरी एंबुलेंस से आगे भेज दिया गया लेकिन नगरोटा जगती के पास गर्भवती को दर्द तेज होने पर एंबुलेंस को रोककर उसकी वहीं डिलीवरी करने का फैसला किया गया। उनके अनुसार 108 एंबुलेंस में सभी जीवन रक्षक उपकरण और जरूरी दवाएं उपलब्ध रहती हैं। एंबुलेंस के चालक हरी ने बताया कि उन्हें आपात स्थिति में ईआरसी चिकित्सा स्टाफ गाइड करता है और सभी के योगदान से यह संभव हो पाता है।
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