फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: बिजली निगम की लापरवाही के कारण डेढ़ मिनट में चार मौतें

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो, संवाद
विज्ञापन

जम्मू। वार्ड-सात की क्रिश्चियन कॉलोनी में बिजली निगम की लापरवाही चार जानें निगल गई। डेढ़ मिनट में व्यक्ति और तीन घोड़ों की मौत हो गई। हादसे का कारण खंभे के पास पड़े लोहे के सरिये में करंट आना है।
साहिल ने बताया कि पिता बिट्टू मंगलवार दोपहर 12 बजकर दो मिनट पर गली से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्हें करंट लग गया। इसकी जानकारी 12ः10 पर फोन के माध्यम से मिली। इसके बाद परिवार मौके पर पहुंचा। देखा तो तीन घोड़े मर गए थे जबकि एक घोड़ा भाग गया था। पिता भी मृत अवस्था में पड़े थे। पड़ोसी प्रीति मंटू और अमित खोखर ने बताया कि दोपहर 12 बजकर दो मिनट पर आवाज सुनाई दी। सभी लोग घरों से बाहर निकले और गली में पहुंचे। इस दौरान घोड़े गिरे थे और घोड़ों का मालिक भी तड़प रहा था। ऐसे में वहां तक जाने से कतराने लगे। गली में पांव रखने पर झटके महसूस हो रहे थे। डेढ़ मिनट में ही घोड़ों और व्यक्ति की मौत हो गई थी। बिजली निगम ने सवा 12 बजे बिजली बंद की।
विज्ञापन


अगर ये निभाते जिम्मेदारी तो नहीं होता हादसा
लापरवाही के लिए सीधे तौर पर जेई जिम्मेदार है, क्योंकि कई बार लोग शिकायत बता चुके हैं। लाइनमैन ने भी तारों को चेक नहीं किया। खंभों के चारों ओर तारों का मकड़जाल फैला है। इसके अलावा मीटर रीडर भी कहीं न कहीं गुनाहगार है, क्योंकि रीडिंग के दौरान उसने कभी भी तार सही करवाने के लिए आलाधिकारियों को नहीं कहा। अगर ये सभी अपना काम ईमानदारी से करते तो हादसा नहीं होता। ऐसे हादसे शहर में और भी जगह पर होने की संभावना है। उक्त मोहल्ले में सात से आठ फीट तक तार लटके हैं। इसी तरह कई इलाकों में तार जमीन को छूने के कगार पर हैं। तारों की तरह उलझी विभागीय व्यवस्था को सही करने के लिए बिजली निगम को जल्द कड़े कदम उठाने की जरूरत है। फिलहाल इन कर्मियों पर कार्रवाई होगी या नहीं, इसका जवाब किसी आलाधिकारी के पास नहीं है।
बोलतीं आंखें, सिसकते दिल
प्रत्यशदर्शियों के अनुसार घोड़े आगे चल रहे थे। पीछे एक घोड़े पर व्यक्ति बैठा था। पहले एक घोड़े का करंट लगा, वह भागा। ऐसे में पीछे चल रहे घोड़े बेकाबू हुए। इसके बाद बारी-बारी घोड़े गिरे और फिर उसका मालिक। कुछ ही मिनट में शवों के ढेर लग गए। पास जाने से हर कोई कतराने लगा। करंट इतनी तेज था कि व्यक्ति को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
दो बेटे, दो बेटियां और पत्नी छोड़ गया
मृतक अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और दो बेटियों को छोड़ गया। साहिल दसवीं कर चुका है और घर में ही रहता है। छोटा बेटा सबर चौथी कक्षा में है जबकि बेटी बिशाली और नेहा दसवीं कर चुकी है। परिवार की रोजी रोटी घोड़ों की कमाई पर ही चलती थी। आमदनी का साधन भी छीन गया। परिवार के अनुसार चार घोड़ों को 2 लाख में खरीदा था। तवी नदी के किनारे बिट्टू घोड़ों को बांधता था और यही से कारोबार चलाता था। दोपहर 12 खाना खाने घर आता था।
विज्ञापन


कई बार शिकायत की
पार्षद रितु चौधरी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि कई बार तारों की शिकायत विभाग में की। मेयर राजेंद्र शर्मा को भी बताने की कोशिश की है। अब विभाग की लापरवाही के कारण परिवार उजड़ गया। समाजसेवी साक्षी विल्सन खोखर ने कहा कि बिजली की तारें काफी नीचे हैं। स्मार्ट मीटर लगाने के बाद जोड़ को खुला छोड़ दिया है। विनसंक के घर के सामने हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि कुछ ही मिनट में घोड़ों और बिट्टू की मौत हो गई। कॉल कर बिजली बंद करवाई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें