पुंछ के भाटादूड़िया में हुए तीन और राजोरी के केसरी हिल के हमले में शामिल आतंकियों के तार ढांगरी नरसंहार से जुड़ रहे हैं। उधर, पुंछ के मेंढर में सुरक्षाबलों ने भाटादूड़िया के दो पनाहगारों के घर के पास बने दो आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए हैं।
पिछले दो साल में पुंछ के भाटादूड़िया में हुए तीन और राजोरी के केसरी हिल के हमले में शामिल आतंकियों के तार ढांगरी नरसंहार से जुड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि केसरी हिल में जिस आतंकी को मारा गया है वह उक्त नरसंहार में शामिल था।
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ऐसे में यह माना जा रहा है कि शेष आतंकी वही हैं, जिन्होंने नरसंहार को अंजाम दिया था। यही आतंकी अन्य वारदातों में भी शामिल रहे हैं। बता दें कि मारे गए आतंकी के शव को देख कर ढांगरी की एक महिला और बच्ची बताया कि यह वही है, जो उनके घर खाना खाने के लिए रुका था।
जानकारी के अनुसार राजोरी-पुंछ के जंगलों में आठ से दस आतंकी मौजूद हैं। यही आतंकी बार-बार वारदातों को अंजाम दे कर माहौल को खराब करने सहित सुरक्षाबलों व लोगों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आतंकियों ने अपने पांव इस कदर जमा लिए हैं कि वह कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं, जबकि 18 माह में सिर्फ एक को ही ढेर किया जा सका है। अन्य आतंकियों की अभी तक कोई सूचना नहीं है।
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फिर ढांगरी दोहराने की फिराक में
सूत्रों का कहना है कि राजोरी-पुंछ में मौजूद आतंकी फिर से ढांगरी नरसंहार की भांति वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। वह लगातार साजिश रच रहे हैं। यदि यह आतंकी नहीं मारे गए या फिर इनका पता नहीं चला तो बड़ा नुकसान हो सकता है।
पुंछ के मेंढर के गुरसाई क्षेत्र से रविवार देर शाम को सुरक्षाबलों ने भाटादूड़िया के दो पनाहगारों के घर के पास बने दो आतंकी ठिकाने ध्वस्त कर वहां से एके 47 राइफल की तीन मैगजीनें, एके 47 राइफल की 114 गोलियां, चीन में बने चार ग्रेनेड, 19 हजार रुपये नगद, दवाइयां व घरेलू उपयोग का अन्य सामान बरामद किया है।
भाटादूड़ियां में हुए आतंकी हमले में गिरफ्तार छह लोगों में शामिल निसार अहमद और मुश्ताक अहमद से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। इसी दौरान दोनों ने घरों के पास बने इन ठिकानों की जानकारी दी। इसके आधार पर रविवार की शाम सुरक्षाबलों ने गुरसाई क्षेत्र में दो आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए।
इसके बाद वहां से यह बरामदगी हुई। सुरक्षाबल इस बरामदगी को भाटादूड़ियां आतंकी हमले को लेकर जारी जांच को आगे बढ़ाने में एक अहम कड़ी मान रहे हैं। आगे कुछ और ठिकानों से भी बरामदगी हो सकती है।
गौरतलब है कि मुश्ताक और निसार पुंछ जिले में 20 अप्रैल को पुंछ जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भाटादूड़ियां में सैन्य वाहन पर हुए आतंकी हमले में सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे। हमले में शामिल आतंकियों को महीनों तक अपने घर में पनाह देने वालों में दोनों शामिल थे।