सड़क किनारे पड़ा किसी जवान के खाने का डिब्बा-गिलास, बेल्ट के टुक्कड़े, झाड़ियों पर लटकी टोपी, उससे कुछ दूरी पर किसी जवान की अधजली वर्दी दिल झकझोर रही है। यह मंजर हर किसी की आंखों को नम कर रहा है, जिसमें पांच सैन्य जवानों के परिवारों की खुशियां उजड़ गईं।
घटनास्थल पर पड़ी जवानों की वर्दियां
- फोटो : संवाद
जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भाटादूड़ियां में सैन्य वाहन पर हुए आतंकी हमले के चौथे दिन भी घटनास्थल पर आतंकियों की करतूत के सबूत बिखरे पड़े नजर आए। जो बयां कर रहे हैं कि किस तरह हमले ने पांच परिवारों से उनके लाल छीन लिए। साथ ही सेना की बहादुरी और हिम्मत को भी ठेस पहुंचा रहे हैं।
घटनास्थल पर जवानों के बर्तन
- फोटो : संवाद
घटनास्थल पर कई मीटर तक शहीद जवानों की वर्दी और अन्य सामान बिखरा पड़ा है। हालांकि सेना ने आतंकियों की इस करतूत का सबसे बड़ा सबूत गोलियों से भेदा और ग्रेनेड से जलाया गया वाहन घटनास्थल से हटा लिया है। इसके बावजूद कई दर्जन भर सबूत यहां-वहां बिखरे पड़े हैं। सड़क पर काफी दूर तक सैन्य वाहन का डीजल टैंक गिरा पड़ा है, जिसकी दुर्गंध आसपास फैली हुई है। सैन्य वाहन के साथ सड़क किनारे जली घास और झाड़ियां हमले की हकीकत को बयां कर रही हैं।
पुंछ हमले के बाद मौके से मिले कारतूस
- फोटो : संवाद
पाकिस्तान को कोस रहे लोग
रविवार को जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भिंबर गली-जड़ावाली गली मार्ग पर यातायात बहाल होने के साथ ही जम्मू से पुंछ आने वाले वाहनों में सवार यात्री घटनास्थल पर रुककर शहीद जवानों के बलिदान को नमन करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। जहां बिखरे सामान और हालात देखने के साथ ही हर कोई आतंकियों और पाकिस्तान को कोसता नजर आया।
पुंछ में सैन्य वाहन में आग के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : ANI
मोए न जाने कदूरूं आनी इथे...
घटनास्थल का पहुंचकर मंजर देखने वालों में शामिल कुछ महिलाओं की आंखें भर आईं। आपस में बात करते हुए पुंछ भाषा में बोलती हैं - मोए न जाने कदूरूं आनी इथे अपना मरना करने असाढ़े फोजियां उपर हमला करी उन्ना की शहीद करने, पता नई पाकिस्तान न मरना कदूं मुक्सी अर्थात यह मरजाने न जाने कहां से आकर जहां अपना मरना करते हुए हमारे जवानों पर हमला कर उन्हें शहीद करते हैं। पता नहीं कब पाकिस्तान का यह मरना आतंकवाद समाप्त होगा। आतंकी हमले के घटनास्थल का यह मंजर हर किसी देखने वाले के दिल पर आघात कर रहा है।