जम्मू। पूर्व मुख्यमंत्री तथा नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने दरबार मूव व्यवस्था की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को इस आदेश को तत्काल वापस लेना चाहिए। कोरोना का खतरा कम होने तक दरबार मूव की प्रक्रिया को रोक देना चाहिए। ट्वीट कर कहा कि दोनों संभाग में मूव कार्यालयों के काम करने से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न होगी। लोग यह नहीं समझ पाएंगे कि किस सचिवालय में अपने काम के लिए संपर्क किया जाए। ट्वीट किया कि बिना फाइलों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के श्रीनगर में सचिवालय क्या काम करेगा। कश्मीर के ज्यादातर कर्मचारी जम्मू हैं तो श्रीनगर सचिवालय को कौन चलाएगा? यदि श्रीनगर सचिवालय में कोई कर्मचारी, कोई अधिकारी तथा कोई फाइल नहीं होगी तो सचिवालय किसके लिए खुलेगा?