सरकार को पंचायतों में सुधार और मजबूती के लिए सुझाव देंगे : पंचायत कॉन्फ्रेंस
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में इसी साल पंचायत चुनाव करवाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। प्रदेश के सभी जिलों में मौजूदा करीब 38 हजार सरपंचों-पंचों का काम ब्लाॅक विकास अधिकारी (बीडीओ) देख रहे हैं। ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण तय होने के बाद ही चुनाव होने हैं। इसके लिए ओबीसी आयोग काम कर रहा है।
ऑल जेएंडके पंचायत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि करीब 38 हजार जनप्रतिनिधियों का काम 90 अधिकारी नहीं देख सकते। लंबे समय से पंचायतों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। हम नेकां सरकार को बधाई देते हैं। उम्मीद करते हैं कि पहले विधानसभा सत्र में पंचायत चुनाव पर सरकार कोई फैसला ले। अगर उमर सरकार हमारे 11 सदस्यीय शिष्टमंडल से मिलती है, तो हम उन्हें पंचायतों में सुधार और मजबूती के लिए सुझाव देंगे। प्रदेश प्रशासन ने पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की सिफारिशों के लिए गठित पिछड़ा वर्ग आयोग का कार्यकाल को दिसंबर तक बढ़ाया है। आयोग को 31 दिसंबर, 2024 तक अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें देने के लिए कहा गया है। जुलाई में ओबीसी आरक्षण के लिए तीन सदस्यीय आयोग को गठित किया गया था। यह भी संभव हो सकता है कि सरकार के दबाव पर आयोग जल्द ओबीसी आरक्षण की रिपोर्ट दे, जिसके बाद पंचायत चुनाव की तिथियां घोषित हो सकती हैं।