- प्रवक्ता ने कहा - जम्मू-कश्मीर विस चुनाव में संगठन का प्रदर्शन सकारात्मक शुरुआत
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जमात-ए-इस्लामी ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में उनके प्रदर्शन को सकारात्मक शुरुआत बताया। जमात के मुख्य प्रवक्ता शमीम अहमद ठोकर ने कहा कि संगठन के नतीजे सराहनीय हैं, क्योंकि उनके पास प्रचार के लिए केवल कुछ सप्ताह ही थे। लंबे समय से स्थापित पार्टियों को अपनी पहचान बनाने में संघर्ष करना पड़ा, लेकिन जमात समर्थित उम्मीदवारों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का जो निर्णय जमात ने लिया है, हम उस पर आगे भी कायम रहेंगे। केंद्र को विश्वास दिलाने की कोशिश करेंगे कि हमारा प्रतिबंध हटाया जाए।
ठोकर ने जमात के भविष्य की रणनीति को लेकर अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में कहा, हमारा प्रयास रहेगा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में आगे भी हिस्सेदार बनेंगे। उन्होंने कहा, हम प्रदर्शन को सकारात्मक तरीके से देख रहे हैं। हमारे ऊपर प्रतिबंध था, समय भी काम था, अचानक से घोषणा की गई और नौ दिन में हमने प्रचार शुरू कर दिया। विपक्षी पार्टियों ने ऐसी अफवाहें फैलाईं कि आप लोगों को चुनावों के बाद फिर से बंद किया जाएगा। इस भय के माहौल के बावजूद हमारे उम्मीदवार दूसरे या तीसरे स्थान पर आए। कुलगाम से जमात समर्थित उम्मीदवार सयार अहमद रेशी ने तीन प्रमुख दलों नेकां, कांग्रेस और सीपीआईएम गठबंधन के उम्मीदवार के खिलाफ 25,000 से अधिक वोट हासिल किए। पांच बार के विधायक के खिलाफ 25,000 वोट हासिल करना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। ठोकर ने माना कि जमात के कई समर्थकों ने विभिन्न आशंकाओं के चलते मतदान से दूर रहने का फैसला किया। अगर वे मतदान में हिस्सा लेते तो नतीजा कुछ और हो सकता था। भविष्य की रणनीतियों के बारे में ठोकर ने कहा कि जमात पैनल आगामी बैठकों में अपने अगले कदमों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। उल्लेखनीय रूप से यह 1987 के बाद से जमात-ए-इस्लामी की पहली चुनावी भागीदारी थी, इससे पहले पार्टी के सदस्यों ने उस वर्ष कथित धांधली का विरोध करने के लिए चुनावों से बाहर रहने का विकल्प चुना था।