-भाजपा नेता नेकां के अनुच्छेद 370 को वापस लाने के एजेंडे को बना रही चुनावी मुद्दा
-नेकां से गठबंधन पर सत्तापक्ष ने देश के अन्य चार चुनावी राज्यों में कांग्रेस को घेरा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। विपक्ष में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी के जम्मू-कश्मीर के दौरे और कांग्रेस का नेकां से गठबंधन के बाद सियासी जंग तेज है। भाजपा नेकां के घोषणापत्र को चुनावी मुद्दा बनाकर कांग्रेस को भी घेर रही है। खासतौर पर नेकां के अनुच्छेद 370 को वापस लाने के एजेंडे को मुद्दा बनाकर भाजपा जम्मू-कश्मीर के अलावा देश के अन्य तीन राज्यों में होने वाले चुनाव में इस मुद्दे को कैश करना चाहती है।
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से नीचे तक चुनावी प्रचार में नेकां के घोषणा पत्र पर कांग्रेस और राहुल गांधी से सवाल पूछने के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी नेकां के घोषणा पत्र पर कांग्रेस से दस सवाल पूछ चुके हैं। जम्मू- कश्मीर मामलों के प्रभारी तरुण चुग ने भी इस घोषणापत्र पर नेकां और कांग्रेस दोनों पर कटाक्ष किया है।
इस बीच शनिवार को पार्टी मुख्यालय जम्मू में भाजपा नेता देवेंद्र सिंह राणा ने कांग्रेस पर जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, गुज्जर बकरवाल, पहाड़ी और ओबीसी के लिए आरक्षण खत्म करने के लिए नेकां से हाथ मिलाने का आरोप लगाया। पत्रकारों से रूबरू होते हुए राणा ने कहा कि भाजपा पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की रक्षा करने को प्रतिबद्ध है। नेकां द्वारा उसके एजेंडे में शंकराचार्य हिल्स का नाम बदलकर तख्त-ए-सुलेमान और हरि पर्वत का नाम बदलकर कोह-ए-मरान करना हमारी आस्था पर हमला है। कांग्रेस ने चुनावी स्वार्थ के लिए अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने को नेकां से हाथ मिलाया है।
नेकां शुरू से पाकिस्तान व अलगाववादी समर्थक : राणा
राणा ने कहा, नेकां शुरू से पाकिस्तान समर्थक, अलगाववादी समर्थक, जम्मू-कश्मीर के हितों के खिलाफ रही है। यही नहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी संविधान विरोधी ताकतों के साथ गठबंधन करने के लिए विशेष रूप से नई दिल्ली से श्रीनगर आए। उन्होंने नेकां पर बाबा साहब के संविधान में नौकरियों, शिक्षा और राजनीतिक में हाशिए पर पड़े समुदायों को समान और उचित हिस्सेदारी की गारंटी देने वाले तंत्र को रौंदने का प्रयास करने का आरोप लगाया। एक निशान, एक विधान, एक प्रधान हासिल करना नेकां और कांग्रेस के लिए एक आंख की किरकिरी बना हुआ है।
समाज को ध्रुवीकृत करने की कोशिश कर रही नेकां-कांग्रेस
राणा ने कहा, नेकां और कांग्रेस समाज को ध्रुवीकृत करने और राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है। हमारे ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों के नाम से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। नेकां कश्मीरियत और हमारी पहचान के साथ खिलवाड़ कर रही है। यह कदम कट्टरपंथी तत्वों को खुश करने के लिए उठाया गया है। कांग्रेस को भी ऐसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों का नाम बदलने के एजेंडे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
-