कहा-सेब, अखरोट और बादाम पर एमएफएन शुल्क में नहीं की कटौती
जम्मू। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी आयातित सेब पर अतिरिक्त शुल्क पर केंद्र के फैसले की गलत व्याख्या कर सेब बागवानों को गुमराह कर रहे हैं। यह बात भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व जम्मू-कश्मीर मामलों के प्रभारी तरुण चुग ने कही है।
उन्होंने कहा कि सेब, अखरोट और बादाम पर मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) शुल्क में कोई कटौती नहीं की गई है। यह अभी भी अमेरिकी मूल के उत्पादों सहित सभी आयातित उत्पादों पर लागू है। केंद्र सरकार ने वाशिंगटन सेब पर आयात शुल्क कम किया है। इससे घरेलू सेब, अखरोट और बादाम उत्पादकों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। बल्कि, सेब, अखरोट और बादाम के प्रीमियम बाजार खंड में प्रतिस्पर्धा होगी, जिससे हमारे भारतीय उपभोक्ताओं के लिए प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। विपक्षी नेता गलत तरीकों से राजनीतिक लाभ के लिए व्यापारियों के मन में भ्रामक आशंकाएं पैदा कर रहे हैं। मोदी सरकार ने राष्ट्रीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करते हुए सभी फैसले लिए हैं।