- राहुल गांधी ने प्रदेश पार्टी कैडर को और मजबूत बनाने पर दिया जोर
- प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर सकते हैं दौरे
- वोट प्रतिशत बढ़ाने की रणनीति पर काम किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में कांग्रेस हाईकमान ने लगभग सीटों पर अकेले लड़ने के संकेत दिए हैं। इसके लिए पार्टी कैडर को और मजबूत बनने पर जोर दिया गया है। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में जिन क्षेत्रों में प्रदेश कांग्रेस कमजोर रही है, उन्हें ठीक करने के लिए कहा गया है। प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को दौरा करने का आग्रह किया गया है। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में वीरवार को ढाई घंटे तक चली मैराथन बैठक में जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हाल ही में हुए आतंकवादी हमलों ने जम्मू-कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति की वापसी के भाजपा के खोखले दावों की पोल खोल दी है। यूपीए सरकार ने जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव करवाए थे, हमने वहां पहली बार रेल लाइन बिछाकर ट्रेन चलाई, बड़े बांध बनवाएं, युवाओं के कौशल विकास के लिए हिमायत और उड़ान योजनाएं लागू की गईं। इन योजनाओं की वजह से युवाओं को रोजगार मिला। सांसद राहुल गांधी ने जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और मजबूत बनने के लिए काम करे। हम गठबंधन का बाद में सोच सकते हैं, लेकिन पहले हमें खुद को मजबूत बनाना है। आगामी चुनावों में और वोट प्रतिशत बढ़ाने की रणनीति पर काम किया जाना चाहिए। पार्टी में हर हाल में अनुशासन बनाए रखें। हम जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की मांग के साथ खड़े हैं। उन्होंने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में जम्मू कश्मीर में पार्टी के प्रदर्शन की रिपोर्ट ली। बैठक में एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल, जम्मू-कश्मीर के प्रभारी भरत सिंह सोलंकी, प्रदेशाध्यक्ष विकार रसूल वानी, कार्यकारी अध्यक्ष रमण भल्ला, पूर्व सांसद चौधरी लाल सिंह, तारा चंद, योगेश साहनी, इंदु पवार आदि मौजूद रहे।