- पंडित समुदाय का भाजपा ने इस्तेमाल किया, लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि भाजपा ने देश भर में वोट हासिल करने के लिए कश्मीरी पंडितों के दर्द और पीड़ा को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने एक प्रेसवार्ता में कहा, पंडित समुदाय के पास खुद इतने वोट नहीं हैं, लेकिन भाजपा उनके दर्द और पीड़ा का इस्तेमाल कर उनके नाम पर वोट मांगती रही, लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया। पीडीपी अध्यक्ष ने श्रीनगर शहर के अबी गुजर इलाके में कश्मीरी पंडित रोशन लाल के घर का दौरा किया, जिनका पिछले महीने निधन हो गया था। महबूबा मुफ्ती ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
कहा कि जबसे भाजपा सीधे तौर पर जम्मू-कश्मीर पर शासन करने लगी है यहां तक कि जो कश्मीरी पंडित यहां रहते थे, वे भी चले गए हैं, क्योंकि स्थिति ऐसी हो गई है। रोशन लाल उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के करीबी दोस्त थे और उस स्थिति के बावजूद घाटी में रहते थे, जो कुछ फिल्मों के लिए एक उदाहरण है। उनका इशारा जाहिर तौर पर फिल्म द कश्मीर फाइल्स की ओर था। महबूबा मुफ्ती ने कहा, कश्मीरियों को पूरे देश में बदनाम किया जाता है, उनके बारे में फिल्में बनाई जाती हैं। मुझे लगता है कि रोशन लाल का यहां भाईचारे के बीच रहना उन फिल्मों का जवाब है। उनके निधन पर शोक प्रकट करने के लिए यहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यह भाईचारे का सबसे बड़ा उदाहरण है।
पीडीपी प्रमुख ने कहा, रोशन लाल का घाटी में बहुत कठिन परिस्थिति में रहना देश में हिंदू समुदाय के लिए एक सबक है। कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि समुदाय को वापसी के लिए किसी सरकार की मदद की जरूरत नहीं है। चाहे सरकार भाजपा की हो या महबूबा मुफ्ती की या किसी और की। कश्मीर के लोग चाहते हैं कि कश्मीरी पंडित वापस आए।