- पुलिस ने कहा - रास्ते के विवाद को धार्मिक रंग देने का प्रयास, ट्वीट फर्जी
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। ईद-उल फितर के मौके पर बुधवार को राजोरी में पीडीपी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्मंत्री महबूबा मुफ्ती के कथित ट्वीट के बाद तनाव की स्थिति पैदा हो गई। रास्ते को लेकर हुए विवाद को धार्मिक रंग देने का प्रयास किया गया। हालांकि पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और ट्वीट को फर्जी बताया। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
जानकारी के अनुसार, महबूबा मुफ्ती की तरफ से जारी कथित ट्वीट में कहा गया कि राजोेरी में ईद की नमाज अदा करने जा रहे लोगों के एक समूह पर गुंडों की ओर से हमला करना परेशान करने वाला है। गुंडों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पीड़ित गुज्जर पहाड़ी हैं या कश्मीरी। जो बात मायने रखती है वह यह है कि वे मुसलमान हैं और उन्हें किसी भी समय, किसी भी स्थान पर पीटा जा सकता है। मामले को बिगड़ता देख राजोरी पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा कि एक रास्ते को लेकर चल रहे विवाद के कारण तरयाठ तहसील के गल्हान इलाके में कुछ लोगों के बीच बहस हुई, जो हाथापाई में बदल गई। इसमें गांव के बुजुर्गों के साथ एक व्यक्ति को मामूली चोटें आईं हैं। पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। जांच चल रही है। पुलिस ने ऐसे आधारहीन पोस्ट के प्रसार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।