उधमपुर।रोजगार मेले में युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते केंद्रीय राज्य मंत्री भानू प्रताप वर्मा
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उधमपुर। बीएसएफ के रौन दोमेल स्थित सहायक प्रशिक्षण केंद्र के द्रोणाचार्य सम्मेलन हॉल में मंगलवार को रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इसमें केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री भानू प्रताप वर्मा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी के लिए चयनित 142 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो कांफ्रेंस संबोधन का लाइव प्रसारण किया गया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज कश्मीरी युवाओं के हाथ में कलम, किताब है। इससे कश्मीर की धरती गुलजार हो रही है, जो हमेशा से ज्ञान विज्ञान और दर्शन की भूमि रही है। इस मौके पर सहायक प्रशिक्षण केंद्र के महानिरीक्षक प्रदीप कत्याल, कमांडेंट वरिंदर दत्ता, डीडीसी अध्यक्ष लाल चंद, डीडीसी उपाध्यक्ष जूही पठानिया, बीडीसी चेयरमैन आरती शर्मा, एसपीपी डॉ. विनोद कुमार विशेष अतिथि रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में एसटीसी बीएसएफ उधमपुर के आईजी प्रदीप कत्याल ने मुख्य अतिथि और सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से देशभर में 45 जगह इस तरह के रोजगार मेलों का आयोजन कर विभिन्न विभागों में चयनित 41 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं। इनमें बीएसएफ में 93, एसएसबी में 34, असम राइफल्स में 12, बैंक क्षेत्र में एक और संचार व आईटी में चयनित हुए दो उम्मीदवार शामिल हैं। इसी क्रम में श्रीनगर, जम्मू और उधमपुर में कार्यक्रम हुए हैं। उन्होंने नियुक्ति पत्र हासिल करने वाले युवाओं को शुभकामनाएं दीं। कहा कि वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में विकास की बयार सही मायनों में तेजी से चल रही है। विशेष रूप से कश्मीर में बदलाव की एक लहर है। मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर में विकास और शांति स्थापित करने के लिए कई कदम उठा रही है। आज जम्मू-कश्मीर लाखों पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, जो शांति बहाली का एक सकारात्मक संदेश है। पर्यटन क्षेत्र इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा युवाओं के लिए रोजगार सृजन कर रहा है। आम लोगों के कल्याण के लिए हर क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये की निवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कई निजी क्षेत्रों के निवेशक भी जम्मू-कश्मीर में आ रहे हैं और भारत वर्ष के मुकुट कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर के विकास में अपनी भागीदारी कर रहे हैं।
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यहां की जीवनशैली और चिंतन उन्नत
यहां की जीवनशैली और चिंतन प्राचीन काल से ही उन्नत है। आज यहां एम्स, आईआईटी, आईआईएम, आईआईएमसी और कई विश्वविद्यालयों के साथ राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान गति पकड़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। दुर्गम पहाड़ियों को संपर्क मार्गों से मेडिकल कॉलेजों और जिला मुख्यालयों से जोड़ा जा रहा है। वर्मा ने कहा, हम सभी थकेंगे नहीं, हम रुकेंगे नहीं, हम जम्मू-कश्मीर की जनता, युवाओं और बच्चों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर परिश्रम करते रहेंगे और मां भारती के इस मुकुट को संपूर्ण विश्व के सामने आशा, प्रगति और शांति का उदाहरण बनाएंगे।