सुंजवान के कमांडो प्रशिक्षण केंद्र में प्रतिभागियों को संबोधित करते एडीजीपी फोटो पुलिस
- एडजीपी बोले - क्षेत्र में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए ऐसे कोर्स समय की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू संभाग कठुआ, डोडा और उधमपुर जिले के जंगलों में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद पुलिस ने अपनी जवानों को जंगल में आतंकरोधी अभियान के लिए प्रशिक्षण दे रही है। इसमें जवानों के ऐसे में क्षेत्र में कैसे दुश्मनों का मुकाबला करे उसके लिए उन्हें कठोर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शनिवार को सुंजवां के कमांडो प्रशिक्षण केंद्र (सीटीसी) में 21 दिवसीय कमांडो टैक्टिक्स कोर्स का आगाज हुआ। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) जम्मू जोन आनंद जैन ने इस कोर्स का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह कोर्स जंगल में कठोर प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस कर्मियों की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। एडीजीपी ने प्रशिक्षुओं से बातचीत की और आतंकवाद-रोधी अभियानों में इस तरह के प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया। क्षेत्र में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए ऐसे कोर्स समय की मांग है। एडीजीपी ने सीटीसी में दिए जा रहे प्रशिक्षण की गुणवत्ता की प्रशंसा की। उन्होंने प्रशिक्षुओं को अपने कौशल को बढ़ाने के लिए इस अवसर का पूरा उपयोग करने को कहा। कोर्स पूरा करने पर हमारे जवान आतंकवाद विरोधी अभियानों की जटिलताओं को संभालने के लिए बेहतर ढंग से सुसज्जित होंगे। उन्होंने प्रोत्साहन के रूप में सीटीसी सुंजवान में ड्रिल प्रशिक्षक पांच अधिकारियों को प्रशंसा प्रमाण पत्र व पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया। एडीजीपी के साथ डीआईजी जेकेएस रेंज सुनील गुप्ता, डीआईजी प्रशिक्षण सारा रिजवी और एडीजीपी जम्मू के एसओ विशाल मन्हास साथ थे।