रियासी। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिले के दर्माडी में ग्रामीणों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया। एसएचओ सुमित मगोत्रा ने लोगों से कहा कि किसी भी प्रकार का नशा युवाओं को अंदर से खोखला कर देता है। नशे का सेवन करने वाले ज्यादातर युवक पंद्रह से बीस वर्ष की उम्र के हैं जो इसकी लत का जल्द शिकार हो जाते हैं। अभिवावकों को चाहिए कि वह अपने बच्चों की गतिविधियों पर पूरा ध्यान रखें। उनके साथ दोस्ताना माहौल बनाए व तनाव की स्थिति को उत्पन्न नहीं होने दें। पुलिस अधिकारी ने कहा कि नशे के खिलाफ एक साथ मिल कर शिकंजा कसा जा सकता है। लोगों को आगे आ कर पुलिस का सहयोग करना होगा। संवाद