भीड़भाड़ वाले इलाकों सहित हाईवे पर सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती
सांबा में बीएसएफ और पुलिस ने चलाया एंटी टनलिंग ऑपरेशन, बीओपी कंद्राल इलाके को खंगाला
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
जम्मू/श्रीनगर/सांबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 20 फरवरी को जम्मू दौरे से पहले सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। जम्मू से कश्मीर घाटी तक सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है, ताकि आतंकी अमन-शांति को भंग करने की कोशिश न करें। दहशतगर्दों के नापाक मंसूबों को नाकाम करने के लिए भीड़भाड़ वाले इलाकों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। चप्पे-चप्पे पर जवान पहरा दे रहे हैं। इसके साथ ही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सांबा के सीमावर्ती इलाकों में शनिवार को एंटी टनलिंग तलाशी अभियान चलाया। राष्ट्र-विरोधी तत्वों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली ऐसी सुरंगों का पता लगाने में मदद करने वाले को पांच लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा है। अधिकारियों ने कहा कि आईबी पर बीएसएफ जवानों और सीमा चौकियों पर तैनात पुलिस कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है। खासकर पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा हाल ही में किए गए संघर्ष विराम उल्लंघन के बाद से जवान अलर्ट हैं और सीमा पार से किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी निगरानी कर रहे हैं। आईबी के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के अलावा नियंत्रण रेखा (एलओसी) और भीतरी इलाकों में आतंकवादियों के किसी भी हमले के प्रयास को विफल करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा गई है।
रक्षा सूत्रों के अनुसार, शनिवार को सीमावर्ती बीओपी कंद्राल क्षेत्र में बीएसएफ व पुलिस ने संयुक्त एंटी टनलिंग तलाशी अभियान चलाया। अभियान सुबह पौने दस बजे शुरू हुआ व 12 बजे तक जारी रहा। सूत्रों के अनुसार भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगाई गई तारबंदी के निकट एंटी टनल अभियान चलाया गया। क्षेत्र में नालों व सरंकडों की तलाशी ली गई। बता दें, इस क्षेत्र में छह वर्ष पूर्व एक सुरंग मिली थी। वहीं पुंछ क्षेत्र में ड्रोन की घुसपैठ करवाए जाने के बाद सुरक्षा बल सतर्क हो गए हैं। दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। एलओसी पर सेना के जवानों ने पिछले छह दिनों में पुंछ जिले के विभिन्न सेक्टरों में चार बार पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ को नाकाम किया है।
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कश्मीर घाटी में भी चलाए जा रहे तलाशी अभियान
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार 20 फरवरी को प्रधानमंत्री के आगमन से पहले कोई अप्रिय घटना न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सीमाओं पर चौकसी बढ़ाने के अलावा, सुरक्षा बल सुरक्षा राजमार्गों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर गश्त कर रहे हैं। सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि कश्मीर घाटी में ऐसे इलाके जहां कोई मूवमेंट का इनपुट मिलता है, वहां तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। श्रीनगर शहर में हुई हालिया लक्षित हत्याओं के बाद भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी कड़ी कर दी गई है। सीसीटीवी कैमरों सहित कमांड व्हीकलों के जरिये हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही। यहां तक कि कई इलाकों में एमवीसीपी (मोबाइल व्हीकल चेक पॉइंट) स्थापित कर संदिग्ध वाहनों और लोगों की भी तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग, श्रीनगर-बारामुला राजमार्ग सहित अन्य महत्वपूर्ण राजमार्गों पर गश्त बढ़ा दी गई है। दिन में कई बार पेट्रोलिंग की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में सेना एरिया डोमिनेशन के लिए भी समय-समय पर ऑपरेशन अंजाम दे रही है। निगरानी के लिए क्वाडकॉप्टर और ड्रोन का सहारा भी लिया जा रहा है।