ज्यौड़ियां। जहां सरकार बुजुर्गों और दिव्यांगों को पेंशन देने के दावे कर रही है, वहीं आज भी कुछ लोग सरकार की इस योजना का लाभ लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। हर जगह उन्हें नकारा जा रहा है।
ज्यौड़ियां तहसील के गांव भलवाल ब्राह्मणा निवासी प्रवीण कुमार (42) पुत्र बोध राज मंदबुद्धि हैं। उसके परिजन उसकी पेंशन लगवाने के लिए भटक रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। प्रवीण के छोटे भाई दीपा कुमार ने बताया कि प्रवीण कुमार की हर माह लगभग एक हजार रुपये की दवाईयां आती हैं। पिताजी बुजुर्ग और बीमार हैं। हम लोग मेहनत मजदूरी कर जीवन व्यतीत कर रहे हैं। हमने पेंशन लगवाने की बहुत कोशिश की, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। प्रवीण कुमार के मंदबुद्धि होने के प्रमाणपत्र के लिए भी हमने आवेदन किया, लेकिन उसकी भी प्रक्रिया लटकी है। कोई अधिकारी व नुमाइंदे किसी की परेशानी को समझने और मदद करने के लिए राजी नहीं हैं। हम लोग थक हार कर बैठ गए हैं।
इस विषय में प्रवीण कुमार से भी बातचीत करने की कोशिश की गई तो उसने भी कहा कि पेंशन की जरूरत है मैं दवा खाता हूं, मेरे पास पैसे नहीं हैं।