फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: सरकार 2320 रुपये में खरीद रही धान, किसान प्राइवेट वेंडर को 1800 में देने को तैयार

Sat, 19 Oct 2024 05:45 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी मंडियां दूर, प्राइवेट वेंडर खेतों से उठा रहा फसल
विज्ञापन

किसान प्राइवेट वेंडरों को फसल देने में खुश
राजीव सिंह लंगेह
अरनिया। सरकार 2320 रुपये में धान खरीद रही है, लेकिन किसान प्राइवेट वेंडर को 1800 रुपये में धान बेचने को तैयार हैं। किसानों का कहना है कि सरकार को धान देने में बहुत ज्यादा औपचारिकताएं हैं। ऊपर से सरकारी मंडी 10 किलोमीटर दूरी पर है।
किसानों ने बताया कि उन्हें ट्रांसपोर्ट का खर्च वहन करना पड़ रहा है। इसके अलावा धान की सफाई के लिए सरकार को प्रति क्विंटल 50 से 100 रुपये देने पड़ते हैं। प्राइवेट वेंडर खेत से ही फसल को उठा लेता है। इससे किसान वेंडर को प्रति क्विंटल 100 से 200 रुपए कम देने में भी संकोच नहीं करता है। दाम भले ही उन्हें कम मिल रहे हैं, लेकिन सरकार के मुकाबले प्राइवेट वेंडर को धान देने में औपचारिकताएं कम हैं। वहीं सरकार पैसा देने में भी समय लगाती है, जबकि प्राइवेट वेंडर हाथोंहाथ पैसे देकर मोलभाव कर लेते हैं। इससे उनका समय और मंडियों के चक्कर से भी छुटकारा मिल रहा है।
विज्ञापन

सरकार ने किसानों को सशक्त बनाने के लिए अनाज मंडियां तो खोली हैं। मगर औपचारिकताएं बहुत ज्यादा हैं। इस बार उनके क्षेत्र से 10 किलोमीटर दूर स्लैहड़ गांव में अनाज मंडी खोली गई है। धान को मंडी तक पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट का खर्चा आता है। ऊपर से धान की सफाई के लिए प्रति क्विंटल 50 से 100 रुपये मंडी में देने पड़ते हैं।
किसान राकेश सिंह
सरकार को दो से तीन किलोमीटर के दायरे में अनाज मंडी खोलनी चाहिए। ताकि किसान आसानी से फसल को मंडी तक पहुंचा सकें। प्राइवेट वेंडर खेत से फसल की कटाई के तुरंत बाद फसल को उठाकर ले जाता है। इसमें किसानों की सिरदर्दी कम हो जाती है। सरकार को अनाज मंडी में ऐसे प्रावधान रखने चाहिए। ताकि किसान सरकारी अनाज मंडी की तरफ रुख कर सके।
विज्ञापन

किसान बलवीर सिंह
किसानों को समझाने में जुटे कृषि अधिकारी, बता रहे सरकार को धान देने के फायदे
आरएस पुरा के सब डिविजनल एग्रीकल्चर अफसर सुरेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को खौड़ अनाज मंडी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मंडी में नियुक्त स्टाफ को किसानों को बेहतर सुविधा देने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि धान की फसल लेकर पहुंच रहे किसानों को खरीद के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि प्राइवेट वेंडर 1800 रुपए प्रति क्विंटल खरीद कर रहा है। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी अनाज मंडी के प्रति किसानों को गुमराह किया जाता है।जिसके चलते कृषि विभाग को सतर्क रहना जरूरी है।उन्होंने कहा कि किसानों को प्राइवेट वेंडर की गिरफ्त से बाहर निकलना है। इस मौके पर उन्होंने स्टाफ को हिदायत दी है कि जो भी किसान मंडी में पहुंच रहे हैं। उनको पूर्ण रूप से खरीद के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सबसे पहले किसानों के दस्तावेज लेकर उनका आईडी तैयार करना है, जो कृषि विभाग अपने स्तर पर करेगा। वहीं, दूसरी ओर जिन किसानों का आईडी तैयार है। उनकी फसल की खरीद के बाद पैसों के भुगतान के लिए तुरंत कार्रवाई कर देनी है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से फसल की खरीद के बाद 72 घंटे के भीतर किसानों को फसल का भुगतान अकाउंट में कर दिया जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें