अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद पहली बार पीडीपी की बैठक बुलाई गई थी। पार्टी मुखिया महबूबा मुफ्ती नजरबंद होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सकीं। वर्चुअल माध्यम के जरिए पार्टी महासचिव गुलाम नबी लोन, नईम अख्तर ने वीडियो संदेश को रिकॉर्ड करके भेजा था। वहीं बैठक में नेताओं के नहीं पहुंचने पर इसे रद्द करने का फैसला लिया गया।