- हड्डी व जोड़ अस्पताल में आपरेशन से पहले दम तोड़ा, परिवारवालों का आरोप-सर्जरी में लापरवाही बरती गई
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हड्डी व जोड़ अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान 70 वर्षीय बांबरो देवी निवासी डुडू बसंतगढ़ की मौत पर परिवारवालों ने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) की इमरजेंसी के बाहर हंगामा किया। उनका आरोप था कि पीड़ित ठीक हो गई थी और उसकी दाहिने पैर की फीमर हड्डी के फ्रैक्चर की सर्जरी की जानी थी लेकिन सर्जरी के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उन्होंने डाॅक्टरों पर सर्जरी के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
मृतक के बेटे उत्तम कुमार ने बताया कि बांबरो देवी अपने पैतृक स्थान पर गिरकर चोटिल हो गई थी। उसे गत 18 जुलाई को जीएमसी की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था और लगातार उसका इलाज चल रहा था। उनके अनुसार बांबरो ठीक ठाक थी। वीरवार को उनकी पैर की सर्जरी का फैसला लिया गया। डाॅक्टरों ने हमें उन्हें कुछ भी खिलाने से मना किया और कहा खून की जरूरत नहीं पड़ेगी लेकिन सर्जरी से पहले खून की मांग की गई, जिसे जुटाया गया।
हड्डी व जोड़ अस्पताल में हमने सर्जरी के लिए मरीज को ठीकठाक छोड़ा। मरीज की मौत के 15 मिनट तक भी हमें कोई जानकारी नहीं दी गई और बताया गया कि वह गंभीर हो गई है, जीएमसी ले जाएं। जीएमसी की इमरजेंसी में उसे मृत लाया घोषित कर दिया। उनका आरोप है कि उन्हें मरीज के छाती के बीच कोई समस्या की बात कही जा रही है, जबकि छाती सहित अन्य डाॅक्टरों से सर्जरी के लिए उसकी क्लेरियंस ली गई थी। आरोप लगाया कि सर्जरी के दौरान लापरवाही बरती गई, जिससे उसकी मौत हुई है।
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हृदयगति रुकने से मौत हुई, पहले से हाई रिस्क में थी : प्रिंसिपल
जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता के अनुसार बांबरो देवी को पिछले करीब पंद्रह दिन से जीएमसी में उपचार दिया जा रहा था। वह टीबी, हृदय आदि रोगों से पीड़ित थी। गिरने के कारण उसके सिर में क्लाट होने के साथ दाहिने पैर की फीमर हड्डी में फ्रैक्चर और अन्य चोटें आई थीं। मरीज हाई रिस्क श्रेणी में थी। सर्जरी से पहले इस बारे परिवारवालों को बताया गया था। सर्जरी के लिए परिवारवालों से लिखित में सहमति भी ली गई थी। सर्जरी से पहले बेहोश करने के दौरान मरीज को हार्ट अटैक आ गया जिसके बाद उसे तुरंत आईसीयू में शिफ्ट किया गया लेकिन उसकी मौत हो गई। इलाज के दौरान कोई लापरवाही नहीं बरती गई और सभी जरूरी विभागों के डॉक्टर मरीज के पास उपलब्ध थे। इस बीच हड्डी व जोड़ अस्पताल में दूसरे दिन पांच मरीजों की सर्जरी की गई।