जम्मू संभाग के कई संभावित स्थानों पर जल्द ही पैराग्लाइडिंग गतिविधियां शुरू की जाएंगी। इस दिशा में पर्यटन विभाग ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्कीइंग एंड माउंटेनियरिंग (आईआईएसएम) के सहयोग से ऐथेम, धनवा, सैलून, मोखरी, भद्रवाह, पटनीटॉप, किश्तवाड़ और सनासर में पैराग्लाइडिंग ट्रायल करवाए हैं।
जम्मू क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग पायलट कोर्स आयोजित करने की दिशा में यह अपनी तरह का पहला प्रयास है। इन साइटों में दिसंबर माह में स्थानीय युवाओं के लिए पेशेवर (पी1, पी2, पी3) पाठ्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पेशेवर पैराग्लाइडिंग पाठ्यक्रमों का उद्देश्य उक्त साइटों को एडवेंचर हब बनाने के लिए आजीविका के साथ पर्यटन क्षेत्र में रोजगार पैदा करना है। पाठ्यक्रम के बाद पी3 प्रशिक्षित पेशेवरों को कुछ शर्तों के अधीन पी4 के लिए लाइसेंस दिया जाएगा, जिसमें न्यूनतम निर्धारित उड़ान घंटे शामिल हैं। एडवेंचर पर्यटन को एक सतत गतिविधि बनाने के लिए क्षमता निर्माण उपायों के हिस्से के रूप में पैराग्लाइडिंग पाठ्यक्रमों को पर्यटन विभाग द्वारा प्रायोजित किया जा रहा है।
पर्यटकों के लिए होगा शानदार अनुभव
पर्यटन निदेशक जम्मू विवेकानंद राय ने बताया कि पैराग्लाइडिंग के सफल परीक्षण किए गए हैं। पेशेवर पायलटों की टीमों ने कुछ स्थलों पर उपचारात्मक उपाय सुझाए हैं। वहीं, संयुक्त निदेशक पर्यटन सुनैना मेहता ने कहा कि एडवेंचर पर्यटन के लिए नई साइटों की पहचान की जा रही है। पैराग्लाइडिंग को और अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा। यह पर्यटकों के लिए शानदार अनुभव होगा। यहां ऑफ बीट स्थलों पर एडवेंचर गतिविधियों को बढ़ाया जा रहा है।