सांबा के मंगू चक में फिर दिखा ड्रोन
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अमरनाथ यात्रा के बीच भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन गतिविधियों से सुरक्षा बल अलर्ट हो गए हैं। सांबा सेक्टर में पाकिस्तान से ड्रोन को बंई नाले के रूट से बार-बार भेजा जा रहा है। रिगाल-खोड़ा को आतंकी घुसपैठ का पुराना रूट माना जाता है।
ड्रोन का इस्तेमाल इलाके की फोटोग्राफी करने के लिए
पाकिस्तानी ड्रोन इसी रूट से घुसपैठ कर सीमा पार लौट रहा है। रक्षा सूत्रों ने बताया कि हथियार और ड्रग्स तस्करी के अलावा पाकिस्तानी ड्रोन का इस्तेमाल इलाके की फोटोग्राफी करने के लिए भी किया जा रहा है। जमीन से ज्यादा ऊंचाई पर होने की वजह से ड्रोन को मार गिराने में भी परेशानी आ रही है।
ऊंचाई पर ड्रोन को मार गिराने में परेशानी रहती है
सीमा सुरक्षा बल के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तानी ड्रोन जमीन से 700-800 मीटर की ऊंचाई पर पाया गया है। इतनी ऊंचाई पर ड्रोन को मार गिराने में परेशानी रहती है। बहरहाल सतर्कता को बढ़ाया गया है। पाकिस्तानी सेना की मदद से ड्रोन को भारतीय सीमा में भेजा जा रहा है।
- अभी तक पाकिस्तानी ड्रोन को अधिकतर बार रिगाल, खोड़ा, चलेआरी, सारथी, राजपुरा, सनूरा, घगवाल के आईटीबीपी शिविर से बईं नाले से होते हुए लाला चक व मंगूचक सीमा से फिर पाकिस्तान लौटते देखा गया है।