जम्मू। शहर में पानी की किल्लत को लेकर हाहाकार मचा हुआ। जल शक्ति विभाग के कुछेक अधिकारी परियोजनाओं के नाम पर ठप योजना बना रहे हैं। इसका खुलासा 2010 में बनाए ओवर हेड टैंकों से हुआ है, जिसमें एक टैंक चालू होते ही फूट गया तो दूसरे का ढांचा अब सड़क की जद में आ गया। इस कारण करोड़ों रुपए बर्बाद हो गए।
दरअसल, भवानी नगर में 23 साल पहले 60 लाख की लागत से ओवर हेड टैंक बनाया गया। इसमें पानी डाला गया तो चारों तरफ से लीक हो गया। इसके बाद बंद कर दिया। इसी तरह भगवती नगर में 50 लाख से ढांचा खड़ा कर छोड़ दिया, जो अब फोरलेन रोड के बीच में आ गया। ऐसे में यह ध्वस्त होगा। दोनों टैंकों की क्षमता दो लाख गैलन की थी। इससे वार्ड नंबर 14, 15, 31, 32, 33, 40 के इलाके कवर होने थे। इनमें भवानी नगर, तालाब तिल्लो, इंदिरा कॉलोनी, कैंप रोड, कबीर नगर, पुंछ हाउस, अशोक नगर, कनाल रोड सहित आसपास की एक लाख से ज्यादा आबादी शामिल है। अब भवानी नगर में अलग से ओवरहेड टैंक के लिए दो करोड़ और भगवती नगर के लिए चार करोड़ की डीपीआर तैयार की है। इसमें ट्यूबवेल लगेंगे। वहीं, शहरभर में अलग-अलग जगहों में ओवरहेड टैंक है। पुराने शहर में छह, न्यू प्लाट और आसपास इलाकों में आठ, गांधी नगर, शास्त्री नगर, नरवाल में दस, तालाब तिल्लो और आसपास इलाकों में 10 से ज्यादा टैंक है। इनमें पानी स्टोर करने के बाद घरों तक आपूर्ति की जा रही है।
मरम्मत करवाएंगे
हेल्थ एंड सैनिटेशन कमेटी के चेयरमैन अरुण खन्ना के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान विभागीय अधिकारियों की ओर से लापरवाही बरती गई। आनन-फानन में काम हुआ। पानी डालने के बाद लीकेज सामने आई। अब मरम्मत करवाई जाएगी। इसी तरह पहले टैंक सड़क के पास बनाया था, जो फोरलेन की जद में आया। इसे तोड़ने के एनएचएआई के निर्देश आए हैं।
नहीं मिल पाया कोई लाभ
वार्ड 31 के पार्षद सुच्चा सिंह ने कहा कि ओवरहेड टैंक का लाभ लोगों को नहीं मिल पाया। जल शक्ति विभाग दोबारा डीपीआर तैयार कर रहा है। लाखों रुपये दुरुपयोग किए गए। लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। वार्ड 14 के पार्षद प्रमोद कपाही ने कहा कि 50 लाख का ढांचा बनाकर छोड़ दिया, जिसका किसी को फायदा तक नहीं मिला। वहीं, भगवती नगर में श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु पहले पड़ाव पर रुकते हैं। गर्मी होने के कारण पानी की जरूरत ज्यादा रहती है। ऐसे में अतिरिक्त टैंकरों से आपूर्ति की जाती है। इस उद्देश्य से भी टैंक का निर्माण किया जा रहा था।
एक ओवरहेड टैंक सड़क के बीच में आ गया। दूसरे टैंक के निर्माण की गुणवत्ता सही न होने के कारण प्रयोग में नहीं लाया गया। नए विकल्प पर काम किया जा रहा है।
- विजय गुप्ता, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग
काम की गुणवत्ता की जांच के लिए कमेटी गठित की है। कोताही का पता लगने के बाद विभाग से कारण पूछा जाएगा। सरकारी धनराशि व्यर्थ खर्च नहीं होने दी जाएगी।
- राजिंदर शर्मा, मेयर