- मवेशी तस्करी में शामिल वाहन चालक के अलावा मुख्य साजिशकर्ता का नाम भी होगा एफआईआर में दर्ज
- आरोपियों की कुंडली खंगालने के साथ संपत्तियों का भी किया जाएगा आकलन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मवेशी तस्करी पर नकेल कसने और तस्करों पर कड़ी कार्रवाई के लिए पुलिस ने ऑपरेशन कामधेनु शुरू किया है। इसके तहत अब मवेशी तस्करों की न सिर्फ कुंडली खंगाली जाएगी, बल्कि उसकी संपत्ति का भी आकलन किया जाएगा। जम्मू, सांबा और कठुआ (जेएसके) पुलिस रेंज में इस अभियान को लागू किया गया है और इसके तहत मवेशी तस्करों पर कार्रवाई की जा रही है। ऑपरेशन के तहत मवेशी तस्करी में शामिल वाहन चालक व सहचालक के साथ-साथ मुख्य साजिशकर्ता का नाम एफआईआर में दर्ज होगा। इसके साथ मवेशी तस्करी में शामिल वाहन का इंजन, चैसी नंबर, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड नंबर भी केस फाइल में जोड़ा जाएगा।
ऑपरेशन कामधेनु के सफल कार्यान्वयन के लिए एसपी ग्रामीण जम्मू, डीएसपी मुख्यालय सांबा, डीएसपी (डार) कठुआ को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मवेशी तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस आपसी तंत्र को भी मजबूत करेगी। तस्करी से जुड़ी अंतर जिला स्तर की सूचना डीपीओ और क्षेत्रीय पुलिस मुख्यालय के तहत संबंधित पुलिस थानों को भेजी जाएगी। इसमें शामिल तस्कर अक्सर पुलिस की पकड़ से भाग जाते हैं। ऐसे में पुलिस अब तस्करों से जब्त किए वाहन के पंजीकरण, इंजन नंबर की मदद से मुख्य आरोपी तक पहुंचेगी। जेएसके रेंज में कठुआ जिले में मवेशी तस्करी की सबसे ज्यादा घटनाएं होती हैं। ऐसे में कामधेनु अभियान से उचित कार्यान्वयन से पुलिस मवेशी तस्करी पर कुछ हद तक लगाम लगा सकती है।
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धार्मिक भावनाएं आहत न हों, इसके
लिए मीडिया कवरेज से बचेगी पुलिस
मवेशी तस्करी से जुड़े मामलों में पुलिस कम से कम मीडिया कवरेज करेगी। लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत न हों, इसके लिए पुलिस मीडिया कवरेज से बचेगी। तस्करी में प्रयास विफल करने पर पुलिस फोटो या वीडियो जारी नहीं करेगी।