शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

विज्ञापन

कश्मीर के हालात पर राज्यपाल मलिक बोले- दस से पंद्रह दिनों में बदल जाएगी लोगों की राय

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Sun, 25 Aug 2019 11:01 AM IST
श्रीनगर के हालात - फोटो : अमर उजाला
घाटी में दवाओं की कमी की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि कश्मीर में आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने ईद के पर्व पर लोगों के घरों में मीट, सब्जियां और अंडे तक भिजवाए थे। कहा कि दस से पंद्रह दिनों में लोगों की राय बदल जाएगी।
विज्ञापन
 
सत्यपाल मलिक ने कहा कि पिछले दिनों कश्मीर में जब भी कोई घटना होती थी तो कम से कम 50 लोग मार दिए जाते थे। हमारी पूरी कोशिश है कि कोई भी हताहत न हो, किसी भी प्रकार की हानि न हो। उन्होंने कहा कि दस दिन टेलीफोन नही होंगे...नहीं होंगे लेकिन हम बहुत जल्दी सब वापस कर देंगे। सत्यपाल मलिक के कहने का आशय था कि जल्द ही घाटी में हालात सामान्य होंगे।
यह भी पढ़ेंः तस्वीरेंः कश्मीर में जन्माष्टमी पर देखने को मिला एक अद्भुत नजारा, सलीम ने गाए लल्ला के भजन

घाटी में दवाओं की कमी को लेकर हो रही तरह-तरह की चर्चाओं के बीच प्रशासन ने कहा कि सरकारी दुकानों और निजी खुदरा विक्रेताओं के पास आवश्यक सभी 376 दवाएं उपलब्ध हैं। साथ ही 62 अन्य आवश्यक जो कि जीवन रक्षक दवाओं की श्रेणी में आती हैं वह भी उपलब्ध हैं।

यह भी पढ़ेंः अरुण-स्वराज का तिरंगा प्रेम, उस दिन सुषमा के साथ पहुंचे थे जेटली, यह है एक अमर किस्सा

दवाओं और बच्चे के भोजन की किसी भी समय व्यवस्था करने के लिए तीन व्यक्ति जम्मू और चंडीगढ़ में तैनात किए गए हैं। साथ ही प्रशासन ने बताया कि 1666 में से 1165 मेडिकल स्टोर खले हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि कश्मीर घाटी में कुल 630 खुदरा केमिस्ट दुकानें और 4331 थोक दुकानें हैं, जिनमें से 65 फीसदी दुकानें खुली हुई हैं।
 
प्रशासन का कहना है कि 23.81 करोड़ रुपये की दवाएं पिछले 20 दिनों में खुदरा दुकानों तक पहुंची हैं, जोकि मासिक औसत से थोड़ा अधिक है। कहा कि जम्मू से ऑर्डर पहुंचने का औसत समय 14-18 घंटे है। प्रशासन ने कहा कि करीब 2 दिनों तक घाटी में बेबी फूड की कमी रही, लेकिन अब ताजा स्टॉक मंगाया जा चुका है जोकि अगले 3 सप्ताह के लिए पर्याप्त है। साथ ही उन्होंने दवाओं को लेकर अधिक मूल्य निर्धारण की बात को सिरे से नकारा है।

यह भी पढ़ेंः ...और अलविदा कह गए भैया गांव के जमाई बाबू जेटली, उस दिन इंदिरा से लेकर अटल तक घर पहुंचे थे कई दिग्गज

आपको बता दें कि, घाटी में लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए प्रशासन भरकस प्रयास कर रहा है। साथ ही सेना भी लोगों की मदद के लिए जुटी हुई है। शनिवार को सेना ने स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। जिसमें काफी संख्या में लोग पहुंचे थे।
विज्ञापन

Recommended

medicines medicines shortage jammu kashmir jammu kashmir administration drugs jammu kashmir news

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Recommended Videos

Related

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।