संसदीय चुनाव में 32 हजार गैर स्थायी नागरिकों ने डाले थे वोट
गत संसदीय चुनाव में जम्मू-कश्मीर में 32 हजार गैर स्थायी नागरिकों ने मतदान किया था। इस बार विधानसभा चुनाव में भी नियमों के तहत गैर स्थायी नागरिक फार्म छह भकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा सकेंगे। बूथ स्तर के अधिकारी जोकि स्थानीय क्षेत्र से ही होंगे, वह चुनाव पंजीकरण अधिकारी के तौर पर काम करेंगे और फार्म छह भरने वाले लोगों द्वारा मुहैया करवाई गई जानकारी की जांच करेंगे। जम्मू-कश्मीर में पिछले चार सालों से मतदाता सूचियों का विशेष सारांश संशोधन नहीं हुआ है। ऐसे में प्रदेश में 18 प्लस लेगों की जनसंख्या करीब 98,96,000 पर पहुंच चुकी है जबकि मतदाता सूचियों में 76,02,397 लोगों का ही पंजीकरण अब तक हुआ है। ऐसे में नई मतदाता सूचियों में 22,93,603 मतदाताओं की बढ़ोतरी हो सकती है।
कश्मीरी विस्थापितों के मामले में कोई बदलाव नहीं
कश्मीरी विस्थापितों के मामले में प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पहले की तरह ही विधानसभा क्षेत्र आधार पर कश्मीरी विस्थापितों का पंजीकरण होगा। इसके लिए जम्मू, उधमपुर और दिल्ली में विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
सशस्त्र बल सर्विस वोटर बन सकेंगे
सशस्त्र बलों के मामले में सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ आदि के जवानों का सर्विस वोटर के तौर पर पंजीकरण करवाने का प्रावधान है। वहीं, शांति वाले क्षेत्रों में ड्यूटी दे रहे सशस्त्र बलों के जवान शांति वाले स्टेशन में आम मतदाता के तौर पर भी खुद का पंजीकरण करवा सकते हैं।