- ग्रामीण शब्द को चार जातियों से हटाया जाए, हो रहा नुकसान
- प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन कर ओबीसी समुदाय को 27 फीसदी आरक्षण देने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जाति जनगणना में ओबीसी के लिए एक अलग कॉलम होना चाहिए। साथ ही ओबीसी की केंद्रीय सूची से चार जातियों जिसमें नाई, कुम्हार, धोबी और तीली के खिलाफ लिखे गए शब्द ग्रामीण को हटाया जाए। यह बात ऑल जेएंडके ओबीसी महासभा, ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लासेज फेडरेशन जेके-यूटी यूनिट, ऑल जेएंडके ओबीसी वेलफेयर फोरम, बैकवर्ड क्लासेज यूनियन राजौरी-पुंछ और विभिन्न ओबीसी जातियों और समुदायों के अध्यक्षों द्वारा प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन के दौरान कही।
ओबीसी महासभा के महासचिव मोहन लाल पवार ने यूटी को समर्पित आयोग की शक्तियां सौंपने के प्रस्ताव के लिए जेके-यूटी सरकार और केंद्र सरकार के रवैये की निंदा की है। ऑल जेएंडके प्रजापति सभा के महासचिव और ऑल इंडिया बैकवर्ड फेडरेशन के अध्यक्ष फकीर चंद सातिया ने कहा कि जेके-यूटी सरकार को एक नए आयोग का गठन करना चाहिए जिसके अध्यक्ष और सदस्य ओबीसी समुदाय से हों। समुदाय के लोगों को 27 फीसदी आरक्षण मिले। इस मौके पर बंसी लाल चौधरी, बलवंत कटारिया, राज कुमार चालोत्रा, इंजीनियर मंगा राम, विजय कुमार प्रजापति, बिशन लाल डोगरा, शब्बीर अहमद सालरिया, अब्दुल माजिद, मोहम्मद लतीफ कुरेशी, तलविंदर सिंह, सोहन सिंह वर्मा शामिल रहे।