उत्तरी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंदया सेनगुप्ता ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि ऐसे ड्रोन बनाने पर काम चल रहा है, जो अपने साथ अधिक से अधिक पेलोड करने की क्षमता रखते हों।
जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में हजारों फुट की ऊंचाई पर तैनात सेना के जवानों को ड्रोन के जरिए जरूरी वस्तुओं की सप्लाई होगी। इसके लिए 40 से 50 किलो पेलोड क्षमता वाले ड्रोन बनाने पर रिसर्च चल रही है।
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उत्तरी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंदया सेनगुप्ता ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि ऐसे ड्रोन बनाने पर काम चल रहा है, जो अपने साथ अधिक से अधिक पेलोड करने की क्षमता रखते हों।
बताया कि हम चाहते है कि ऐसे ड्रोन हों, जो किसी भी मौसम और किसी भी जगह जरूरी और अधिक सामान लेकर जा सकें। देशभर में 50 कंपनियां सिर्फ ड्रोन बनाने पर ही काम कर रही हैं। आने वाले वक्त में हम देखेंगे कि ड्रोन तकनीक में हम विश्व में अलग मुकाम पर होंगे।