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Jammu News: तंग गलियों में चल रहे कोचिंग सेंटर, छात्रों की सुरक्षा के इंतजाम नहीं

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- जिले में सिर्फ 75 कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत, शहर में ही करीब 300 सेंटर चल रहे
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- कच्ची छावनी, कृष्णा नगर, रिहाड़ी में एक-एक कमरे में चल रहे सेंटर, कही सीढ़ी संकरी तो कहीं प्रवेश-निकास एक ही

अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में कुछ कोचिंग सेंटर हादसों को न्यौता दे रहे हैं। तंग गलियों में चल रहे शिक्षा के इस बाजार में ग्राहक (विद्यार्थी) की सुरक्षा के प्रबंध नजर नहीं आते। एक अनहोनी होने पर नुकसान का अनुमान लगाना भी मुश्किल होगा।
शहर के कच्ची छावनी, कृष्णा नगर, रिहाड़ी, पक्का डंगा, गांधीनगर में सबसे ज्यादा कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। कच्ची छावनी और कृष्णा नगर में संकरी गलियों में कोचिंग संस्थान हैं लेकिन यहां आग से बचाव का कोई इंतजाम नहीं है। कई कोचिंग सेंटरों में प्रवेश के लिए सीढ़ी इतनी संकरी है कि झुक कर जाना पड़ता है तो कहीं पर प्रवेश और निकास एक ही है। हालांकि दिल्ली की तरह यहां बेसमेंट में क्लासेज की व्यवस्था नहीं है।
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कच्ची छावनी में अधिकांश कोचिंग सेंटर एक से दो कमरों में चल रहे हैं। यहां वेंटिलेशन की पर्याप्त सुविधा नहीं है। कोचिंग सेंटर वाले भवन के साथ बिजली की तारों का जंजाल है। शॉर्ट-सर्किट होने का खतरा बना रहता है। सरकारी कागजों में जिले में सिर्फ 75 कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत हैं, जबकि सिर्फ शहर में ही 300 के करीब कोचिंग संस्थान चल रहे हैं। ये वे संस्थान हैं जहां नियमों की सबसे ज्यादा अनदेखी हो रही है।

एडीसी की अध्यक्षता में बनी टीम ने की जांच

मंडलायुक्त के निर्देश पर कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए जिला स्तर पर कमेटी बनी है। वीरवार को इस कमेटी ने पहले दिन पांच कोचिंग सेंटरों की जांच की और संचालकों से निबंधन प्रमाणपत्र मांगा। हालांकि संस्थानों ने इसके लिए कमेटी से समय मांगा है। एडीसी जम्मू शिशिर गुप्ता ने कहा कि कोचिंग सेंटरों की जांच कर उन्हें जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं। एक सप्ताह में सभी रिपोर्ट तैयार की जाएंगी।
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ऑल जम्मू-कश्मीर ट्यूटोरियल एसोसिएशन के अध्यक्ष और एएसएल ट्यूटोरियल के निदेशक अशोक गुप्ता ने कहा कि हम प्रशासन के इस फैसले का स्वागत करते हैं और उनके साथ हैं। ये निरीक्षण कुछ संस्थानों तक समिति न रहे। सभी की जांच हो ताकि बच्चों की सुरक्षा को पुख्ता किया जा सके।
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