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J&K: कौन है निसार, जिसने पुंछ हमले में शामिल आतंकवादियों को अपने घर में दी पनाह

Sat, 29 Apr 2023 12:49 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर

सार

सूत्रों की मानें तो रफीक नाई के इशारे पर ही निसार के पास वो आतंकवादी पहुंचे जिन्हें निसार ने घर में पनाह दी और रफीक के इशारे पर ही निसार के घर रणनीति रची गई।
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पुंछ - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जम्मू संभाग के पुंछ जिले की मेंढर सब डिवीजन के भाटादूरिया इलाके में सैन्य वाहन पर हमला करने वाले आतंकवादियों को अपने घर में पनाह देने और उन्हें असलहा बारूद और अन्य समान उपलब्ध करने वाला ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) निसार पिछले कई सालों से सक्रिय जीडब्ल्यू था। इस बात का खुलासा जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने शुक्रवार को दरहाल में पत्रकारों से रूबरू होते हुए किया। 

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डीजीपी ने बताया कि निसार पिछले कई सालों से आतंकवादियों का समर्थक और सक्रिय (ओजीडब्ल्यू) रहा है।  वर्ष 1990 में इस इलाके में लश्कर का एक कमांडर सक्रिय था और निसार तब से उस के लिए (ओजीडब्ल्यू) के तौर पर काम करता रहा है। डीजीपी ने बताया कि निसार पर हमें पहले से शक था और पहले से निसार पुलिस की संदिग्ध व्यक्तियों की सूची में शामिल था।

इसको पहले भी कई बार हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है। इस बार भी निसार पर शक था, इसी शक के आधार पर उसको उठाया गया। जांच के दौरान पुलिस को कुछ सबूत मिले, जिस की बुनियाद पर इससे पूछताछ हुई और पूछताछ के दौरान यह माना गया कि निसार भाटादूरिया में सैन्य वाहन पर घात लगा कर हमला करने वाले आतंकवादियों के साथ पूरी तरह से शामिल है और उसके परिवार के लोग भी पूरी तरह से शामिल है। 
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भाटादूरिया हमले के मास्टरमाइंड नियंत्रण रेखा के उस पार बैठे रफीक नाई का साथी है निसार। वहीं, सूत्रों ने बताया कि नियंत्रण रेखा के उस पर बैठा भाटादूरिया हमले का मास्टरमाइंड,  कुख्यात आतंकवादी व नशीली दवाओं का सप्लायर रफीक नाई का बड़ा करीबी और खास लोगों की सूची में निसार का नाम भी आता है। 

आतंकी रफीक नाई जो भाटादूरिया का है और पिछले करीब एक दशक से वो एलओसी के उस पार बैठा है और लश्कर के साथ जुड़ कर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है और साथ ही नियंत्रण रेखा के इस ओर हथियारों की खेप, आईईडी और नशीली दवाओं की खेप भेजने में शामिल रहा है। 

सूत्रों की मानें तो रफीक नाई के इशारे पर ही निसार के पास वो आतंकवादी पहुंचे जिन्हें निसार ने घर में पनाह दी और रफीक के इशारे पर ही निसार के घररणनीति रची गई कि किस प्रकार से सैन्य वाहन पर हमला करना है।

एलओसी के उस पार से रफीक नाई द्वारा ड्रोन से भेजे गए हथियार, गोला बारूद, नकद राशि निसार और उसके कुछ अन्य साथी आतंकवादियों तक पहुंचाते रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि निसार अकेला ही नहीं बल्कि भाटादूरीया के कुछ और लोग भी रफीक नाई के इशारे पर काम करते हैं और उन्होंने भी भाटादूरियां में शामिल आतंकवादियों का साथ दिया और उनकी मदद की। 

वहीं, पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुंछ पुलिस की सीआईडी और स्पेशल ब्रांच कई बार जिला प्रशासन को लिख चुकी थी कि निसार पर पीएसए लगा कर उसे जेल में डाला जाए लेकिन किन कारणों से पुंछ प्रशासन ने उस पर पीएसए नहीं लगाया यह जांच का विषय है।

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