जेडीए के खाते में अवैध है बंगला, निर्मल सिंह की पत्नी ने इसे वैध करार देकर दायर की थी चुनौती
जम्मू। पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह के विवादित बंगले पर अंतिम बहस हो गई है। अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अदालत इसमें अपना फैसला सुनाएगी। वीरवार को जम्मू-कश्मीर विशेष न्यायाधिकरण की एक खंडपीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायायिक सदस्य राजीव गुप्ता ने मामले पर सुनवाई की। दोनों तरफ की दलीलें सुनीं गईं। बता दें कि यह मामला निर्मल सिंह के नगरोटा स्थित बंगले का है। इसे अवैध करार देते हुए जेडीए ने इसे तोड़ने का नोटिस दिया था। इसके बाद निर्मल सिंह की पत्नी ममता सिंह ने इसे अदालत में चुनौती दी।
बता दें कि 6 अप्रैल को इस मामले पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि 13 अप्रैल को इस मामले पर अंतिम बहस होगी। हालांकि 6 अप्रैल को भी दोनों तरफ से बहस हुई और इसे दर्ज किया गया। ममता सिंह ने पहले एक आवेदन दायर किया था, जिसमें उन्होंने तर्क दिया था कि उनका मामला एकीकृत भवन निर्माण उपनियम, 2021 के तहत आता है और उनके मामले को उक्त उपनियमों के आलोक में माना जाना चाहिए। हालांकि इस पर जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने ममता सिंह द्वारा दायर उक्त आवेदन पर अपनी प्रतिक्रिया दायर करते हुए कहा कि एकीकृत भवन उपनियम, 2021 का संभावित प्रभाव है और अपीलकर्ता ममता सिंह के मामले को नए उपनियमों के तहत नहीं माना जा सकता है। यह भी बताया गया कि उन्होंने निर्मल सिंह और उनकी पत्नी को बिल्डिंग ऑपरेशंस एक्ट, 1988 के नियंत्रण की धारा 7 (3) के तहत दिया था। जिसमें निर्माण करने के लिए जेडीए की अनुमति लेना जरूरी है। अब इस मामले पर अदालत अपना फैसला सुनाएगी कि निर्मल सिंह का बंगला रहेगा या टूटेगा। जेएनएफ