देश विरोधी गतिविधियों में वांछित और आत्मसमर्पण करने वाले आतंकी मददगार अब्दुल रशीद को साथ लेकर एनआईए की टीम मंगलवार को हीरानगर पहुंची। अब्दुल रशीद को दोपहर दो बजे के करीब टीम उन स्थानों की पहचान कराने के लिए ले गई, जहां उसने पाकिस्तानी ड्रोन से गिराए हथियार और गोला बारूद हासिल किए थे।
टीम आरोपी को कानाचक, सुल्तानपुर, छब्बे चक के इलाके में लेकर गई। ढाई घंटे तक इलाके में जांच के बाद टीम आरोपी को साथ लेकर जम्मू लौट आई। इस दौरान मढ़ीन पुलिस और एसओजी हीरानगर की टीम भी साथ रही।
अब्दुल रशीद के खिलाफ नौ चक टल्ली इलाके में ड्रोन से हथियार हासिल करने पर राजबाग पुलिस थाने में 29 मई को मामला दर्ज किया गया है। एनआईए टीम का इलाके में यह दूसरा दौरा है। इससे पहले 18 अगस्त को भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हीरानगर के छब्बे चक स्थित मुन्नी के घर से टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में छह मीटर धागा, दो लकड़ी की छड़ें और दस्तावेज बरामद किए थे।
अब्दुल रशीद के चक धारी (निचला हरिया चक) स्थित घर से टीम को एक सिम कार्ड और दस्तावेज हाथ लगे थे। हबीब उल्लाह के हरिया चक स्थित घर से दस्तावेज बरामद किए गए हैं, वहीं मियां सुहेल निवासी चैनपुरा फोरलेन स्थित घर से पाकिस्तान से उनके रिश्तेदारों के दो पुराने पत्र बरामद किए गए हैं।
एनआईए टीम ने चारों के घरों की मैपिंग के अलावा आसपास इलाके की फोटोग्राफी भी करवाई थी। गौरतलब है कि आईबी से सटे इलाकों में आतंकियों के इस मददगार मॉड्यूल का पुलिस ने जुलाई में भंडाफोड़ किया था।