टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार अल हुदा एजुकेशनल ट्रस्ट (एएचईटी) राजोेरी के अध्यक्ष मोहम्मद आमिर शमसी को शनिवार एनआईए टीम राजोरी लेकर पहुंची। एनआईए ने शमसी को साथ लेकर उसके संपर्क में रहे कुछ लोगों के घरों में जाकर पूछताछ की।
सूत्रों ने बताया कि एनआईए की राजोरी पहुंची टीम ने शमसी के संपर्क में आने वाले ऐसे लोगों से पूछताछ की है, जिन पर शमसी के साथ देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका है। फिलहाल एनआईए ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। मोहम्मद आमिर शमसी अल हुदा एजुकेशन ट्रस्ट राजोेरी की आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
जमात-ए-इस्लामी (जेआई) जम्मू-कश्मीर पर प्रतिबंध लगाया गया था लेकिन उसके कई फ्रंटल संगठन गतिविधियां चला रहे थे। राजोेरी का अल हुदा एजुकेशनल ट्रस्ट भी इसी तरह का संगठन है। उक्त ट्रस्ट को दान, हवाला आदि सहित विभिन्न माध्यमों से कथित रूप से धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए धन जुटाते हुए पाया गया है।
इस पैसे का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर के युवाओं को गैरकानूनी गतिविधियों के लिए उकसाने और देश विरोधी गतिविधियों के लिए किया जाता था। एनआईए की जांच से पता चला था कि आरोपी मोहम्मद अमीर शमसी ट्रस्ट (निजाम-ए-अला) का अध्यक्ष है और ट्रस्ट के मुख्य संरक्षक के निर्देश पर कार्य करता रहा है।
उसे पाबंदी के बाद भी धन जुटाना जारी रखा। जांच के दौरान कश्मीर घाटी में सक्रिय अन्य गैर सरकारी संगठनों और ट्रस्टों के साथ शमसी के ट्रस्ट का भी नाम आया। इसके बाद 11 अक्तूबर को एनआईए ने शमसी के संपर्क में रहने वाले एक डॉक्टर और एक एईई से भी पूछताछ की थी।