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Jammu News: गिरगिट नाटक का मंचन, सही को गलत, गलत को सही कह कर बदली स्थिति

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नटरंग स्टुडियों की ओर से भ्रष्टाचार पर आधारित नाटक में अ​भिनय करते कलाकार     नटरंग
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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। नटरंग की ओर से संडे थिएटर में गिरगिट नाटक का मंचन किया गया। इसे नीरज कांत द्वारा निर्देशित किया गया। नाटक वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक व्यवस्था पर करारा व्यंग्य साबित हुआ। इसका रूपांतरण जम्मू की मिट्टी में गहराई से निहित था और नाटकीय संरचना ने दर्शकों को ऐसा महसूस कराया जैसे वे अपनी कहानी देख रहे हैं। जब भी मंचन होता है तो उसमें कोई न कोई अति समसामयिक एवं परिस्थितिजन्य पहलु को जोड़ा जाता है।
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गिरगिट नाटक की कहानी एक कुत्ते और भ्रष्ट पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सही या गलत की परवाह किए बिना हर बार गिरगिट की तरह रंग बदलती है। मंचीय प्रक्रिया तब शुरू होती है जब एक कुत्ते ने जेबकतरे को काट लिया। राहगीर ने कहा कि कुत्ता स्थानीय मंत्री का है क्योंकि उसने ऐसे कुत्ते को उनके बंगले के आसपास घूमते देखा था। इसका पता चलते ही अधिकारी कुत्ते को पकड़ने के बजाय जेबकतरे को पीटना शुरू कर देता है। अधिकारी का दावा है कि मंत्री का कुत्ता तब तक नहीं काट सकता, जब तक उसे मजबूर न किया जाए। जब वह पिटाई कर रहा होता है तो भीड़ में एक अन्य व्यक्ति देखता है कि स्थानीय मंत्री ने ऐसा कुत्ता नहीं रखा है, क्योंकि वह केवल शिकारी कुत्तों को रखने के लिए जाने जाते हैं। इस पर कुत्ते की पिटाई की जाती है और जेबकतरे को मुआवजा दिलाने के लिए मालिक की तलाश जारी रहती है। कुत्ते की पिटाई तब तक चलती है जब तक मंत्री का कोई नौकर घटनास्थल पर नहीं आ जाता। पहले तो उसने कुत्ते को पहचानने से इंकार कर दिया लेकिन बाद में उसकी पहचान मंत्री के भाई के कुत्ते के रूप में की जो दिल्ली से आया था। मगर कुत्ता मंत्री का निकला। यहां से कुत्ते को पूरे प्रोटोकॉल के साथ घर ले जाया जाता है।
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