मेजबान जम्मू-कश्मीर की लड़कों की टीम 48वीं जूनियर वॉलीबाल चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई है। टीम ने सभी पांच लीग मुकाबलों में जीत हासिल कर यह उपलब्धि हासिल की। इस सफर टीम ने गत चैंपियनशिप तमिलनाडु के अलावा हिमाचल प्रदेश, पुडुचेरी, लद्दाख और ओडिशा को हराया हैं।
वहीं, लड़कियों की टीम हरियाणा से हारकर चैंपियनशिप से बाहर हो गई। चैंपियनशिप के चौथे दिन जम्मू-कश्मीर का अंतिम लीग मुकाबला ओडिशा के साथ हुआ। इसमें जम्मू-कश्मीर ने 3-0 से जीत दर्ज की। टीम ने शानदार खेल दिखते हुए लगातार तीन सेट जीत कर विपक्षी टीम को चारो खाने चित कर दिया। पहला सेट 25-19, दूसरा 25-14 और तीसरा सेट 25-14 से जीता। मैच में कप्तान मन्नत चौधरी, हारुन और मुशर्रफ ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया।
इसके अलावा चैंपियनशिप में वीरवार को 23 मुकाबले खेले गए। इसमें राजस्थान ने महाराष्ट्र को 3-0, गुजरात ने झारखंड को 3-0, मध्यप्रदेश ने असम को 3-1, हरियाणा ने मणिपुर को 3-0, उत्तर प्रदेश ने पश्चिम बंगाल को 3-0, केरल ने आंध्र प्रदेश को 3-0, दिल्ली ने पंजाब को 3-1, उत्तराखंड ने चंडीगढ़ को 3-1, पुडुचेरी ने हिमाचल प्रदेश को 3-1, झारखंड ने बिहार को 3-0, राजस्थान ने मध्यप्रदेश को 3-0 से हराया।
उधर, गर्ल्स वर्ग में हरियाणा ने असम को 3-0, मध्यप्रदेश ने उत्तराखंड को 3-0, राजस्थान ने झारखंड को 3-0, महाराष्ट्र ने लद्दाख को 3-0, आंध्र प्रदेश ने पुडुचेरी को 3-0, कर्नाटक ने झारखंड को 3-0, हरियाणा ने जम्मू-कश्मीर को 3-0, पश्चिम बंगाल ने चंडीगढ़ को 3-0, तमिलनाडु ने छत्तीसगढ़ को 3-0, गुजरात ने पंजाब को 3-0 और कर्नाटक ने बिहार को 3-0 से हराया।
जम्मू-कश्मीर की गर्ल्स टीम के सफर पर विराम
वॉलीबाल चैंपियनशिप में जम्मू-कश्मीर की गर्ल्स टीम का सफर हरियाणा से हार के साथ खत्म हो गया। चैंपियनशिप में टीम का प्रदर्शन शर्मनाक रहा। लीग मैच में गर्ल्स टीम ने छह मुकाबले खेले, जिसमें उसे सिर्फ एक में जीत, जबकि चार में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। असम से साथ हुए मैच को छोड़कर टीम बाकी मैचों में विपक्षी टीम को चुनौती भी नहीं दे सकी।
वॉलीबाल चैंपियनशिप में जम्मू-कश्मीर गर्ल्स टीम का सफर हार के साथ ही शुरू हुआ था। टीम को पहले मैच में उत्तर प्रदेश के हाथों में 3-1 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद टीम ने उत्तराखंड को 3-0 से हराकर वापसी की। लेकिन, मध्यप्रदेश से 3-0, असम से 3-2, केरल से 3-1 से और अंत में हरियाणा से 3-0 से करारी शिकस्त मिलने के बाद टीम चैंपियनशिप से बाहर ही हो गई। पूरी चैंपियनशिप में टीम का प्रदर्शन भारी निराशाजनक रहा। टीम के खेल में प्रशिक्षण का अभाव और तालमेल की कमी नजर आई।
गर्ल्स टीम पर नहीं दिया ब्वॉयज जितना ध्यान
टीम से जुड़े एक सदस्य ने कहा कि गर्ल्स टीम पर ब्वॉयज टीम जितना ध्यान नहीं दिया जा रहा है। राष्ट्रीय चैंपियनशिप सिर्फ गर्ल्स टीम की भागीदारी तक ही सीमित थी। टीम के चयन में खेल परिषद और वॉलीबाल एसोसिएशन ने ध्यान नहीं दिया। खिलाड़ियों का चयन स्कूलों से होता है, लेकिन उसके बाद उन्हें प्रशिक्षण नहीं मिल पाता। राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप से कुछ दिन पहले तक एक शिविर आयोजित किया जाता है। ऐसे में टीम से एक मैच जीतने की ही उम्मीद रहती है।