पिछले लोक अदालतों में दो लाख से अधिक मामले निपटाए
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। आगामी 14 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा। मुख्य कार्यकारी न्यायाधीश ताशी रबस्टन ने वीरवार को इसे लेकर बैठक की। विभिन्न न्यायालयों के न्यायाधीशों के साथ बातचीत की। बैठक का मुख्य उद्देश्य त्वरित न्याय को बढ़ावा देने और सौहार्दपूर्ण मामलों के निपटारे के माध्यम से न्यायपालिका पर बोझ को कम करने में राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व को रेखांकित करना था।
मुख्य न्यायाधीश ने वर्ष की शुरुआत में 9 मार्च और 11 मई को आयोजित पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.43 लाख मामलों और दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.22 लाख मामलों का सफलतापूर्वक निपटान करने के लिए जिला न्यायपालिका की सराहना की। न्यायाधीशों से अनुरोध किया कि वे आपसी सहमति से निपटान के लिए पात्र अधिकतम मामलों को सूचीबद्ध करने को प्राथमिकता दें, चाहे वे मुकदमेबाजी से पहले के चरण में हों या विभिन्न न्यायालयों और मंचों के समक्ष लंबित हों।
उन्होंने न्यायपालिका से आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कानूनी सेवा प्राधिकरणों, वकीलों और अन्य हितधारकों के साथ सहयोग करने का आह्वान किया। इस पहल की सफलता न्यायपालिका और कानूनी समुदाय के सक्रिय प्रयासों पर निर्भर करती है, ताकि निपटान के लिए उपयुक्त मामलों की पहचान की जा सके, विशेष रूप से पारिवारिक विवादों, मोटर दुर्घटना दावों, संपत्ति मामलों, वाणिज्यिक विवादों और छोटे आपराधिक अपराधों में।
न्यायाधीश ने न्याय को बनाए रखने और सभी के लिए न्याय तक पहुंच को बढ़ावा देने में लोक अदालतों जैसे वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्रों के महत्व की पुष्टि की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि न्यायपालिका इस अवसर पर आगे आएगी और इस राष्ट्रीय लोक अदालत में सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए विभिन्न प्रकार के मामलों की भागीदारी सुनिश्चित करेगी।