बारामुला/श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि वह यह समझने में असफल रहे कि जब वह पूर्व मुख्यमंत्री होने के बावजूद और अन्य शीर्ष राजनेता 2019 में हिरासत में दिन और रात बिता रहे थे, तो अल्ताफ बुखारी कैसे आजादी का आनंद ले रहे थे। उमर ने पूछा, कृपया हमें यह रहस्य बताएं कि आप (अल्ताफ बुखारी) कैसे और क्यों आजाद थे। अब्दुल्ला उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के पट्टन में एक पार्टी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उमर ने कहा, गलत तो गलत है और मैं गलत कामों के खिलाफ बोलता हूं। इंडिया एलायंस का हिस्सा होने के बावजूद मैंने कर्नाटक में ''हिजाब'' मुद्दे पर कांग्रेस सरकार के गलत फैसले के बारे में बात की। कहा, मैं जम्मू-कश्मीर में इस सरकार के खिलाफ और जब भी कुछ गलत होता है तो एलजी के खिलाफ बोलता हूं, लेकिन अल्ताफ बुखारी भाजपा के खिलाफ नहीं बोल सकते, जिसका वह हिस्सा हैं। 2010 में टंगमर्ग प्रकरण को लेकर सैयद अल्ताफ बुखारी के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बुखारी को बताना चाहिए कि तब टंगमर्ग में आग किसने लगाई थी।
उमर ने कहा कि वह समझौता नहीं करते। उन्होंने कहा, मैं दुकान नहीं चलाता, मैंने कभी दुकान चलाई नहीं है क्योंकि दुकान में सौदेबाज़ी होती है। मैंने कभी सियासत में रहकर सौदेबाज़ी नहीं की है। सियासत की है, करता हूं और करता रहूंगा। हुकूमत की है, आज नहीं कर रहा है और अगर अल्लाह की मर्ज़ी होगी तो कभी करूंगा। जहां तक हकूमत को गिराने की साज़िश इसमें मुझे कुछ क्लियर करने की जरूरत नहीं है। अल्ताफ बुखारी ने सब क्लियर कर दिया है कि 2010 में क्या हो रहा था। जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री के खिलाफ साजिश कोई नई बात नहीं है और इसकी शुरुआत 1953 शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के खिलाफ भी हुई थी।