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Jammu News: शहरवासियों को राहत, अब 2.5 मरला प्लाॅट के लिए मिलेगी एनओसी

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- पुराने शहर में 10 फुट से कम गली पर भी हो सकेगा अब भवन निर्माण
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- वाणिज्यिक क्षेत्रों में 40 फुट की शर्त बरकरार, कोर एरिया में ही मिलेगी छूट
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नगर निगम ने शहर में लोगों को राहत देते हुए बिल्डिंग बायलॉज पर हुए विशेष सदन में भवन उपनियमों को पारित कर दिया है। अब 2.5 मरला प्लाॅट के लिए एनओसी मिलेगी। इस जमीन के लिए मालिकाना हक पर भवन निर्माण की अनुमति नगर निगम देगा। पारित उपनियमों के अनुसार अब पुराने जम्मू शहर और कुछ अन्य चयनित स्थानों को कोर क्षेत्र घोषित किया गया है। पुराने शहर के लोगों को राहत मिलेगी। जहां गलियों की चौड़ाई 10 फुट से कम होने पर भी भवन निर्माण की अनुमति दी जाएगी। मेयर राजेंद्र शर्मा ने कहा कि इससे इन क्षेत्रों में घरों का मूल्य दोगुना हो जाएगा। घर खरीदने के लिए आसानी से बैंक से ऋण मिल सकेगा। नालों, जंगल और जल निकायों को छोड़कर नगर निगम की सीमा के भीतर के क्षेत्रों को विकसित क्षेत्र माना जाएगा।
उपनियमों से कृषि भूमि, खड्ड और नहरी क्षेत्रों के लोगों को भी लाभ मिलेगा। सदन में वाणिज्यिक क्षेत्रों में एनओसी प्राप्त करना अब आसान होगा। वाणिज्यिक क्षेत्र में मास्टर प्लान में सड़क की चौड़ाई 40 फुट है, लेकिन जमीन पर यह केवल 30 फुट है तो आवेदक को एनओसी नहीं मिलेगी। अब ऐसी एनओसी कोर क्षेत्रों में मौजूदा सड़क की चौड़ाई पर दी जाएगी।
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बैठक में मेयर राजेंद्र शर्मा ने कहा कि जेएमसी और जेडीए के अधिकार क्षेत्र में केवल एक नियंत्रण और पर्यवेक्षी प्राधिकरण होना चाहिए। हाउसिंग बोर्ड और सैनिक बोर्ड के पास कोई अधिकार क्षेत्र नहीं होना चाहिए। अब नियंत्रण और पर्यवेक्षण केवल नगर निगम की ओर से किया जाना चाहिए। बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार पहले से निर्मित मकानों को अब केवल निचले हिस्से के लिए फीस लेने पर आगे निर्माण की अनुमति मिलेगी। यदि भवन निर्माण की अनुमति के बिना कोई घर बनाया गया है और मालिक निर्मित क्षेत्र को बढ़ाना चाहता है तो भवन निर्माण की अनुमति दी जाएगी।

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जिन क्षेत्रों में अनुमति के बाद काम नहीं
हुआ, अब 25 फीसदी फीस जमा करनी होगी
ऐसे मामलों में जहां पहले अनुमति हासिल कर ली गई थी, लेकिन निर्माण शुरू नहीं किया गया, वहां जमीन का मालिकाना हक दिखाते हुए आवश्यक शुल्क का केवल 25 प्रतिशत ही जमा करना होगा। जबकि पहले पूरी फीस जमा करनी होती थी और सभी एनओसी नए सिरे से प्राप्त करनी होती थीं। मेयर ने यह भी कहा कि जम्मू मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण (जेएमआरडीए) क्षेत्र में दो कनाल से अधिक भूमि के मामलों पर एनओसी अब नगर निगम की ओर से दी जाएगी।
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बड़ी दुकान के लिए पार्किंग स्थल जरूरी
छोटी दुकानों के लिए पार्किंग स्थल की जरूरत नहीं, जबकि बड़ी दुकानों के लिए पार्किंग जरूरी कर दी गई है। इससे वाहन आसानी से पार्क हो सकेंगे। सड़कों पर जाम की समस्या कम होगी। इमारत की अनुमति के बाहर विकसित क्षेत्र के वाणिज्यिक मामले में नगर निगम को सुरक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा।

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